
Teacher who gave punishment (Photo- Video grab)
अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नारायणपुर में स्थित हंसवाहिनी विद्या मंदिर की मान्यता डीईओ ने रद्द (School affiliation canceled) कर दी है। दरअसल केजी-2 में पढऩे वाले छात्र द्वारा होमवर्क पूरा नहीं करने पर शिक्षिका ने उसे उसकी ही टी-शर्ट से पेड़ में लटका दिया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद हाईकोर्ट ने इसे जनहित याचिका मानकर स्वत: संज्ञान में लिया और शिक्षा सचिव ने शपथ पत्र पर जवाब मांगा था। इसके बाद स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की गई। शिक्षिका भी नाबालिग निकली है।
रामानुजनगर के नारायणपुर स्थित प्राइवेट स्कूल हंसवाहिनी विद्या मंदिर (School affiliation canceled) में केजी-1 से 8वीं तक की पढ़ाई होती थी। इसमें 60 बच्चे अध्ययनरत थे। 24 नवंबर को केजी-2 का एक छात्र होमवर्क नहीं कर पाया था। इस पर वहां कार्यरत शिक्षिका ने उसे टी-शर्ट से पेड़ पर लटका दिया था।
इस घटना का वीडियो पास के ही घर के एक युवक ने अपने मोबाइल में बनाकर वायरल कर दिया था। वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हडक़ंप मच गया था। वहीं मामले को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर संज्ञान में लिया। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने मामले (School affiliation canceled) की सुनवाई की।
उन्होंने स्कूल शिक्षा सचिव से शपथ पत्र के साथ जवाब मांगा था। इसके बाद सूरजपुर डीईओ अजय कुमार मिश्रा ने स्कूल के खिलाफ एक्शन लेते हुए उसकी मान्यता रद्द (School affiliation canceled) कर दी है। स्कूल द्वारा स्कूल के तय मापदंडों का पालन नहीं करने व शर्तो की अनदेखी करने पर यह कार्रवाई की गई।
छात्र को पेड़ से लटकाने का वीडियो सामने आने के बाद अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए और हंगामा किया। सूचना पर डीईओ व पुलिस भी मौके पर पहुंचे थे। रामानुजनगर बीईओ को जांच का जिम्मा (School affiliation canceled) दिया गया था। मामले में शिक्षा विभाग की रिपोर्ट पर रामानुजनगर पुलिस ने स्कूल संचालक सुभाष शिवहरे के खिलाफ धारा 127 (2) और किशोर न्याय बोर्ड की धारा 75, 82 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
जिस शिक्षिका ने बच्चे को पेड़ से लटकाने की सजा दी थी, वह भी नाबालिग हैं। 2 दिसंबर 2025 को उसकी आयु 18 वर्ष होगी। उसकी 10वीं की मार्कशीट में उसकी जन्मतिथि 2 दिसंबर 2007 दर्ज है। छात्रा ने 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद कॉलेज में एडमिशन लिया है और वह हंसवाहिनी विद्या मंदिर (School affiliation canceled) में भी पढ़ा रही थी।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद डीईओ द्वारा स्कूल की मान्यता रद्द (School affiliation canceled) कर दी गई है। अब वहां अध्ययनरत 60 बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि स्कूल संचालक रामानुजनगर में ही किसी सरकारी स्कूल में गेस्ट टीचर है। इसके साथ ही वह प्राइवेट स्कूल का संचालन कर रहा था।
Updated on:
28 Nov 2025 06:18 pm
Published on:
28 Nov 2025 06:17 pm
बड़ी खबरें
View Allअंबिकापुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
