
आजमगढ़ में यूपी STF ने बदमाश वाकिफ को मुठभेड़ में मार गिराया। (प्रतीकात्मक तस्वीर: AI)
UP STF Encounter Azamgarh: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और स्थानीय पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी वाकिफ को मुठभेड़ में मार गिराया। जिले के रौनापार थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को प्रदेश की हाल की सबसे महत्वपूर्ण क्राइम ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है। यह कार्रवाई गुरुवार देर रात की गई, जब एसटीएफ ने वाकिफ की लोकेशन की पुष्टि करते हुए उसे पकड़ने के लिए घेराबंदी की।
मुठभेड़ में मारा गया वाकिफ पूर्वांचल का कुख्यात अपराधी माना जाता था, जिस पर गौ तस्करी, चोरी, हत्या, लूट, गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में 44 से अधिक मुकदमे आजमगढ़, गोरखपुर, कुशीनगर, संत कबीर नगर, जौनपुर और आसपास के जिलों में दर्ज थे। लंबे समय से वह फरार चल रहा था और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार जिले बदलता रहता था।
लखनऊ स्थित एसटीएफ मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इनामी अपराधी वाकिफ की गतिविधियों पर काफी समय से नजर रखी जा रही थी। लगातार इनपुट मिलने के बाद एसटीएफ की एक विशेष टीम को उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी के निर्देश दिए गए थे। इस विशेष टीम का नेतृत्व डिप्टी एसपी डी.के. शाही कर रहे थे, जिन्होंने अपने दल के साथ आजमगढ़ में ऑपरेशन को अंजाम दिया।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार देर शाम एसटीएफ को सूचना मिली कि वाकिफ रौना पार इलाके में अपने कुछ साथियों से मिलने पहुंचा है। जानकारी की पुष्टि होने के बाद टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब वाकिफ को पुलिस की मौजूदगी का शक हुआ, तो उसने मौके से भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए कई बार चेतावनी दी, लेकिन वह हथियार के साथ फायरिंग करता हुआ खेतों की तरफ भागा। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ और पुलिस ने भी फायरिंग की। कुछ ही देर चली इस मुठभेड़ में वाकिफ गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस टीम द्वारा उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को उसके पास से एक पिस्टल, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ है।
वाकिफ पिछले कई वर्षों से पूर्वांचल के कई जिलों की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। उसके खिलाफ जिन वारदातों के मुकदमे दर्ज हैं, उनमें गौ तस्करी से जुड़े मामले,हत्या और हत्या की कोशिश,लूट और डकैती,चोरी की घटनाएं,अवैध हथियारों का उपयोग,गैंगस्टर एक्ट,धमकी और मारपीट शामिल हैं। इन मामलों में कई बार उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद वह दोबारा आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो जाता था।
पुलिस के अनुसार, वाकिफ ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई बार पहचान भी बदली। वह लगातार गांव, शहर और जिले बदलकर चलता रहता था। पुलिस को उसकी गतिविधियों पर पकड़ बनाने में काफी समय लग रहा था। कई बार पुलिस उसके करीब तक पहुंची, लेकिन वह भागने में सफल रहा। इस बार एसटीएफ ने तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की मदद से उसकी सटीक लोकेशन हासिल की, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो सकी।
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Updated on:
07 Nov 2025 11:15 am
Published on:
07 Nov 2025 09:09 am
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