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बाहर से चकाचक, अंदर से सीमेंट और धूल फांक रहा शहर का रेल्वे स्टेशन

सीमेंट रैक से उडऩे वाली धूल से लोग परेशान अमृत भारत योजना के तहत लगाए जा चुके हंै 7.05 करोड़, मुख्य समस्या पर नहीं दिया जा रहा ध्यान मजदूर और यात्रियों को हो रही परेशानी, प्रबंधक बोले जुलाई तक नहीं मिलेगी राहत रेलवे प्रशासन ने नया रैक बनाने हट्टा में दी स्वीकृति

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सीमेंट रैक से उडऩे वाली धूल से लोग परेशान

सीमेंट रैक से उडऩे वाली धूल से लोग परेशान

अमृत भारत योजना के तहत शहर के रेलवे स्टेशन को 7.5 करोड़ की राशि खर्च कर बाहर से तो चमका दिया गया है। लेकिन स्टेशन के अंदर प्रवेश करने पर रेलवे स्टेशन की पोल खुलती नजर आती है। प्रवेश करते ही धूल और सीमेंट के गुबार से सामना होता है। यात्रियों, परिजनों, रेलवे अधिकारी, कर्मचारी और यहां काम करने वाले मजदूरों इस समस्या से राहत नहीं मिल पाई है। पूरा मामला बालाघाट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 04 से जुड़ा है। विभिन्न प्रकार की सामग्री बाहर से मंगवाकर उसकी बालाघाट में सप्लाई करने यहां एक रैक पॉइंट बना हुआ है। यही रैक पॉइंट लोगों के लिए मुसीबत बन गया है।

बताया गया कि प्लेटफार्म 4 के रैक पॉइंट पर आए दिन सीमेंट सहित अन्य सामग्रियों लाकर ट्रैकों के माध्यम से उनका परिवहन किया जा रहा है। माल की लोडिंग, अनलोडिंग और ट्रैकों की आवा जाही से धूल के गुबार उड़ते नजर आते हैं। इसी धूल और प्रदूषण से यात्री और कर्मचारी काफी परेशान है। जिन्होंने रैक पॉइंट की कही और व्यवस्था किए जाने व राहत दिलाए जाने की मांग की है।

गंदगी के साथ बीमारी

रैक पॉइंट की धूल और प्रदूषण हवा में उडकऱ प्लेटफार्म नंबर 3, 2 और 1 में पहुंच रहा है। इन प्लेटफार्म पर यात्री बैठकर ट्रेनों का इंतजार करते हैं। जो कि प्रदूषण व धूल के संपर्क में आकर सेहत खराब करवा रहे हैं। प्लेटफार्म परिसर भी धूल से सन रहा है। पैदल चलने पर भी सीमेंट और धूल पूरे परिसर को धुंधला कर रही है। इस पर रेलवे प्रबंधन का कोई ध्यान नहीं गया है।

सीमेंट की अधिक परेशानी

रेलवे स्टेशन परिसर में सीमेंट रैक से उडऩे वाली धूल से वायु प्रदूषण हो रहा है, जो यात्रियों, मजदूरों के अलावा आसपास के क्षेत्रों के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है। धूल के कारण लोगों को सांस संबंधी समस्याओं सहित अन्य बीमारियों की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

हटाया जाए रैक पॉइंट

यात्रियों ने बताया की रेलवे स्टेशन में सीमेंट की रैक होने से यात्रयों, परिजनों, यहां काम करने वाले कर्मचारियों और रैक पांइट के मजदूरों सहित बायपास रोड से आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां सीमेंट लोडिंग अनलोडिंग होने और ट्रैकों का आवागमन बने रहने से सीमेंट और धूल उडकऱ दूर-दूर तक पहुंचती है, जो हवा के साथ शरीर के अंदर जा रही है। सीमेंट की डस्ट समूचे स्टेशन परिसर में फैली रहती है। यात्रियों के अनुसार आलीशान स्टेशन तो बना दिया गया, लेकिन उस हिसाब की सुविधाएं अधूरी है।

हट्टा में जल्द बनेगा रैक पॉइंट

बालाघाट रेलवे स्टेशन प्रबंधक केएम चौधरी ने बताया किए रैक पॉइंट में गेहूं, चावल, उर्वरक खाद और सीमेंट सहित अन्य वस्तुए आती है। सबसे अधिक समस्या और शिकायतें सीमेंट की लोडिंग अनलोडिंग को लेकर आती है। यात्री भी परेशान रहते हैं। इस समस्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने हट्टा स्टेशन के समीप रैक पॉइंट बनाने की योजना बनाई है। स्वीकृति भी मिल चुकी है। अधिकारियों द्वारा जुलाई 2026 तक नया रैक पॉइंट बनाने की बात कही है। वरिष्ठ स्तर से जल्द ही इसके टेंडर जारी कर काम शुरू कर दिया जाएगा। नया रैक पॉइंट बनने के बाद बालाघाट स्टेशन पहुंचने वालों को इस समस्या से राहत मिलेगी।


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