
बरेली। यातायात व्यवस्था को संवेदनशील और सबके लिए सुगम बनाने की दिशा में बरेली पुलिस ने रविवार को एक सराहनीय पहल की। पुलिस लाइन स्थित रवींद्रालय सभागार में एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन और एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान के मार्गदर्शन में सीओ ट्रैफिक अंजनी कुमार तिवारी की उपस्थिति में यातायात पुलिस एवं मूक-बधिर संघ, बरेली मंडल की संयुक्त कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यह था कि पुलिसकर्मी मूक-बधिर व्यक्तियों को बेहतर तरीके से समझ सकें और सड़क पर किसी भी स्थिति में उनकी मदद कर सकें। इसके लिए संघ के प्रतिनिधियों ने यातायात पुलिस कर्मियों को विशेष संकेत भाषा के माध्यम से यह सिखाया कि मूक-बधिर लोग सड़क पर संवाद कैसे करते हैं। पुलिसकर्मियों को व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए बताया गया कि इमरजेंसी, दिशा-निर्देश, पहचान और सहायता से जुड़े संकेत कैसे पहचाने जाएं।
कार्यशाला के दौरान ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी सक्रियता से भाग लिया। कई पुलिसकर्मियों ने मौके पर ही संकेत भाषा सीखने का अभ्यास किया। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण से पुलिसकर्मी न सिर्फ अपनी ड्यूटी को अधिक मानवीय तरीके से निभा सकेंगे, बल्कि सड़क पर आने वाले मूक-बधिर लोगों को भी समय रहते उचित सहयोग मिल सकेगा।
मूक-बधिर संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अक्सर सड़क पर संवाद की कमी के कारण दुर्घटना या विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे में पुलिसकर्मियों द्वारा संकेत भाषा की जानकारी रखना अत्यंत लाभदायक साबित होगा।
कार्यक्रम के दौरान मूक-बधिर व्यक्तियों की गाड़ियों पर विशेष पहचान स्टीकर भी लगाए गए, ताकि ट्रैफिक रोकने या चेकिंग के दौरान पुलिस उन्हें तुरंत पहचान सके और उचित सहयोग दे सके। आयोजकों ने इसे मानवीय पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम बताया और आगे भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से जारी रखने की आवश्यकता जताई।
Published on:
16 Nov 2025 03:40 pm
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