
HIV is more prevalent in Bhilwara due to the high number of migrants.
विश्व एड्स दिवस की पूर्व संध्या पर जिले में कार्यरत जिला एड्स नियंत्रण इकाई की ओर से सूचना केंद्र चौराहे पर रंगोली के माध्यम से एचआईवी संक्रमण से दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही रंगोली के जरिए आमजन में एचआईवी-एड्स की रोकथाम के प्रति जागरुकता का संदेश प्रसारित किया गया।
सीएमएचओ डॉ. रामकेश गुर्जर ने बताया कि जिले में प्रवासी व्यक्तियों की संख्या अधिक होने के कारण यहां एचआईवी का प्रसार अधिक रहा है। हालांकि, जागरुकता कार्यक्रमों और एचआईवी स्क्रीनिंग जांच की संख्या में वृद्धि के माध्यम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जांच की तुलना में अब संक्रमितों की संख्या पूर्व से कम आ रही है। गुर्जर ने स्पष्ट किया कि एचआईवी संक्रमित होने पर डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि नियमित जांच और दवा के सहारे सामान्य जीवन यापन किया जा सकता है।
जिला एचआईवी एड्स नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कटारिया ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति को जीवन में समय-समय पर जांच व नियमित दवा का सेवन आवश्यक है। जिला कार्यक्रम अधिकारी हरलाल मीणा ने इस वर्ष की थीम महामारी को जड़ से खत्म करने के लिए व्यवधान पर काबू पाना, एड्स प्रतिक्रिया में काबू पाना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संक्रमितों को सामाजिक और आर्थिक सभी अधिकारों के व्यवधानों पर काबू पाना होगा, जिसके लिए समुदायों के साथ मजबूत साझेदारी आवश्यक है।
डॉ. अंजू कोचर ने एड्स से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए बताया कि एचआईवी हाथ मिलाने, साथ खाने, पास बैठने, मच्छर काटने आदि से नहीं फैलता है। एचआईवी एड्स की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए 1097 टोल फ्री नंबर पर भी जानकारी ली जा सकती है। संक्रमित व्यक्ति को नियमित दवा के साथ खान-पान और व्यायाम पर ध्यान देना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इस दौरान बीएनपी प्लस अध्यक्ष भंवर जाट, लिंक वर्कर स्कीम प्रहलाद शर्मा, आईपीईएस सुमित और जीयुएमएस मथुरालाल उपस्थित थे।
Published on:
30 Nov 2025 07:28 pm
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