
हिण्डोली. वैन में बैठ कर अन्य स्कूल में जाते बच्चे।
हिण्डोली. नगरपालिका क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय के सामने वर्षों से स्थित प्राथमिक विद्यालय खाटी आतरी का जर्जर भवन मानसून के दौरान समसा द्वारा जमींदोज किया गया था। इसके बाद से डेढ़ माह से यहां के तीन दर्जन छात्रों को प्रतिदिन पढ़ाई के लिए हिण्डोली के सीनियर सेकंडरी विद्यालय में वाहन के जरिए जाना पड़ रहा है। यहां का स्टाफ भी बालकों को पढ़ाने वहां जाता है।
जानकारी अनुसार मानसून में शिक्षा विभाग द्वारा जर्जर भवनों को जमींदोज करने के आदेश जारी हुए थे। सितंबर माह में हिण्डोली नगरपालिका क्षेत्र के खाटी आतरी प्राथमिक विद्यालय भी जर्जर होने से इसे भी ध्वस्त कर दिया गया। शुरू में तो छात्रों को भवन के अभाव में पढ़ाई प्रभावित हुई। बाद में पंचायत पदेन शिक्षा अधिकारी ने कस्बे से करीब एक किलोमीटर दूर स्कूल को अस्थाई रूप से पीईईओ विद्यालय में ही संचालित करने के निर्देश दिए, जिससे 15 सितंबर से खाटी आतरी के बालकों को एक वैन में बैठाकर सुबह स्कूल लाते है, शाम को वापस गांव भिजवा दिया जाता है।
प्रति छात्र दो सौ रुपए लग रहे
शिक्षा विभाग ने स्कूल भवन गिराने के बाद आस पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। ऐसे में सेकण्डरी विद्यालय में बच्चों को भेजने के लिए अभिभावकों ने प्रति छात्र दो सौ रुपए मासिक किराए के हिसाब से वैन किराए पर कर रखी है, जो दो बार चक्कर लगा कर बच्चों को स्कूल ले जाती है और वापस ले आती है। वहां भी कक्षा कक्ष के अभाव में एक हॉल में पांच कक्षाएं एक साथ बैठती है।
घुमंतू परिवार के छात्र नहीं पहुंच पा रहे स्कूल
यहां पर डेढ़ माह से प्राथमिक विद्यालय हिण्डोली में संचालित किया जा रहा है। इस विद्यालय में बणजारा, कालबैलिया सहित विभिन्न समाज के बालक पढ़ते हैं। सुबह एक वैन आकर गांव के बीच में खड़ी हो जाती है, वहां से छात्र वैन में बैठकर आते हैं। यहां पर 36 छात्रों का नामांकन है लेकिन बणजारा व अन्य कई छात्र नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं।
वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए
खाटी आतरी के लोगों का कहना है कि यहां का स्कूल जमींदोज करने के बाद छात्र पढऩे हिण्डोली जा रहे हैं। छोटे बालक परेशान होते हैं। उनके लिए गांव में ही जगह की वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए। अभिभावकों का कहना है कि सरकार ने स्कूल को जमींदोज करने में जितनी जल्दी की, अब निर्माण कार्य दोगुनी गति से करवाना चाहिए। इसके अलावा ग्राम पंचायत आरसी खेड़ा के प्राथमिक विद्यालय बोरखेड़ा का जर्जर भवन भी जमींदोज किया गया था।
अभिभावकों ने अपने स्तर पर ही वाहन की व्यवस्था की है। वैन दो चक्कर लगाती है। उसी से बच्चे सेकण्डरी स्कूल तक आते है और वापस जाते है। नए भवन के लिए प्रस्ताव भिजवाया जा चुका है।
किशनगोपाल मीना, संस्था प्रधान, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, खाटी आतरी
Published on:
30 Oct 2025 12:09 pm
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