क्या आपकी सैलरी में बढ़ोतरी नहीं हो रही है या स्टाफ की कमी के बावजूद आपकी कंपनी ने अस्थायी रूप से हायरिंग फ्रीज कर दी है? यह इस बात का संकेत है कि आपकी कंपनी स्ट्रगल कर रही है और कॉस्ट कटिंग के रास्ते तलाश रही है। अगर बात छंटनी तक आती है, तो नॉन-कोर फंक्शंस वाले कर्मचारियों का नंबर सबसे पहले आ सकता है। एआई और मशीन लर्निंग के इस दौर में नौकरी पर कभी भी आंच आ सकती है। इसलिए जॉब लॉस के लिए व्यक्ति को हमेशा तैयार रहना चाहिए। अगर आप तैयार नहीं हैं, तो आप वित्तीय संकट में फंस सकते हैं।
हर कर्मचारी को एक इमरजेंसी फंड बनाकर रखना चाहिए। यह फंड आपके 6 से 12 महीने के घर खर्च के बराबर रकम जितना होना चाहिए। अगर आपकी जॉब चली जाती है, तो आप नई जॉब मिलने तक या अपना काम शुरू करने तक इस फंड का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह लिक्विड फंड होना चाहिए। यानी यह पैसा आपके सेविंग अकाउंट या एफडी में होना चाहिए।
अपनी जॉब के अलावा भी आपके पास कुछ दूसरे इनकम सोर्सेस होने चाहिए। आप अपनी स्किल्स और हॉबीज को मोनेटाइज कर सकते हैं। इसके अलावा, रेंट, ट्यूशन या बैंकिंग जैसे दूसरे तरीके भी अपना सकते हैं। सबसे जरूरी है कि बचत और निवेश करना न भूलें।
कंपनी के ग्रुप हेल्थ कवर के अलावा भी आपके पास एक इंडिपेंडेंट मेडिकल प्लान होना चाहिए। जॉब चली जाने पर कंपनी का हेल्थ कवर भी चला जाएगा। ऐसे में आप बिना हेल्थ कवर के रह जाएंगे। इसलिए अपने और अपनी फैमिली का अलग से हेल्थ कवर होना जरूरी है।
अगर आप जॉब इनसिक्योरिटी फील करते हैं, तो कोशिश करें कि आप पर कम से कम कर्ज हो। क्रेडिट कार्ड का बिल भी कम रखने की कोशिश करें। नए लोन्स न लें। अगर आपकी जॉब चली जाती है, तो कर्जदाता को इसकी सूचना दें और ईएमआई रिशेड्यूल करने की रिक्वेस्ट करें।
अनिश्चितता के समय अपने अनावश्यक खर्चों को हटा दें या कम करें। अपनी बचत को बढ़ाने की कोशिश करें। अपनी फैमिली को कॉन्फिडेंस में लें और जरूरी खर्चों पर ही पैसा लगाएं।
Updated on:
25 Aug 2025 09:23 am
Published on:
22 Aug 2025 05:36 pm