
Tonsil Surgery Death (Photo- सोशल मीडिया पर वायरल)
Tonsil Surgery Death: 5 साल की एक बच्ची, एम्बर मिल्न्स, की अचानक हुई मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एम्बर ने कुछ ही दिन पहले एक साधारण टॉन्सिल सर्जरी करवाई थी। जो आमतौर पर बिल्कुल सुरक्षित मानी जाती है। लेकिन इस ऑपरेशन के बाद जो कुछ हुआ, उसने उसके परिवार और डॉक्टरों दोनों को हैरान कर दिया।
एम्बर को बार-बार गले में इंफेक्शन होता था, इसलिए डॉक्टरों ने टॉन्सिल निकलवाने की सलाह दी। सर्जरी बिल्कुल सामान्य तरीके से हुई और कुछ घंटों बाद उसे घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने कहा था कि थोड़ा दर्द और असहज महसूस होना आम बात है, इसलिए परिवार को चिंता नहीं करनी चाहिए। लेकिन घर लौटने के कुछ ही समय बाद एम्बर की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
इनक्वायरी में सामने आया कि एम्बर को घर पहुंचने के बाद ये समस्याए होने लगीं। ज्यादा खून बहना, असहनीय दर्दं, सांस लेने में दिक्कत, बेचैनी और कमजोरी ये सभी लक्षण ऐसे थे, जिन पर तुरंत अस्पताल ले जाना बेहद जरूरी था। परिवार ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी हालत मिनट-मिनट खराब होती गई। अस्पताल पहुंची लेकिन बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में डॉक्टरों ने पूरी कंशिश की, लेकिन एम्बर का दिल अचानक रुक गया। कार्डियक अरेस्ट के बाद डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि उसके माता-पिता समझ भी नहीं पाए कि क्या गलती हुई और कब हालत इतनी गंभीर हो गई।
मेडिकल एक्सपर्ट्स ने बताया कि टॉन्सिल सर्जरी आम और सुरक्षित होती है। लेकिन पहले 24 घंटे और फिर 5 से 7 दिन बाद दोबारा खून बहने का खतरा रहता है। इस समय बच्चे पर कड़ी निगरानी जरूरी होती है। कई बार थोड़ी-सी देरी भी जानलेवा हो जाती है। इनक्वायरी में यह भी सवाल उठे हैं कि क्या अस्पताल ने परिवार को पर्याप्त जानकारी दी थी? क्या उन्हें समय पर बताया गया था कि किन लक्षणों पर तुरंत इमरजेंसी जाना चाहिए? और अस्पताल पहुँचने पर कहीं इलाज में देरी तो नहीं हुई?
एम्बर की दुखद मौत ने बच्चों में होने वाली सर्जरी की सुरक्षा पर फिर से बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञ कह रहे हैं कि परिवारों को ऑपरेशन के बाद की सावधानियों की स्पष्ट और पूरी जानकारी देना जरूरी है। अस्पतालों को बच्चों की सर्जरी के बाद बेहतर फॉलो-अप सिस्टम तैयार करना चाहिए। एम्बर के माता-पिता उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी इस दर्दनाक घटना से कम से कम भविष्य में किसी और बच्चे की जान बचाई जा सके।
Published on:
28 Nov 2025 03:10 pm
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