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स्वास्थ्य जांच में नई क्रांति: छात्र ध्रुव के दो आविष्कार चर्चा में, हेल्थ और दवा जांच के लिए इनोवेटिव स्ट्रिप्स विकसित

स्वास्थ्य और औषधीय गुणवत्ता जांच से जुड़े दो आविष्कारों के लिए आधिकारिक रूप से पेटेंट फाइल किया है।

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जयपुर। शहर के निजी स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 8 के छात्र ध्रुव शर्मा ने 14 साल की उम्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। ध्रुव ने स्वास्थ्य और औषधीय गुणवत्ता जांच से जुड़े दो आविष्कारों के लिए आधिकारिक रूप से पेटेंट फाइल किया है। यह उपलब्धि ध्रुव की वैज्ञानिक समझ, लगातार जिज्ञासा और समाज के प्रति संवेदनशील सोच को दर्शाती है।

ध्रुव का पहला आविष्कार कलरिमेट्रिक वेलनेस स्ट्रिप है। यह स्ट्रिप पसीने, लार या मूत्र के संपर्क में आते ही रंग बदल देती है और शरीर के हाइड्रेशन लेवल, इलेक्ट्रोलाइट संतुलन और आयरन की स्थिति की जानकारी देती है। यह तकनीक बिना किसी मशीन के, कम खर्च में आम लोगों के लिए आसान स्वास्थ्य जांच का विकल्प बन सकती है।

उनका दूसरा आविष्कार एंटीबायोटिक ऑथेंटिसिटी स्ट्रिप है। यह स्ट्रिप मौखिक एंटीबायोटिक टैबलेट्स की असलियत की पहचान करती है। देश में नकली दवाओं की चुनौती को देखते हुए यह तकनीक लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

ध्रुव के पिता डॉ. ऋषि शर्मा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यात इम्यूनोथैरेपी ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ हैं। वहीं उनकी मां अंजू शर्मा गृहिणी हैं और ध्रुव की पढ़ाई तथा प्रयोगों में लगातार सहयोग करती रही हैं। विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि कक्षा 8 के छात्र ध्रुव की यह उपलब्धि भविष्य में चिकित्सा और अनुसंधान क्षेत्र में उनके मजबूत योगदान की नींव रखती है। यह सफलता न केवल स्कूल बल्कि पूरे जयपुर के लिए गर्व का विषय है।