Patrika's campaign of cleanliness: जयपुर शहर में स्वच्छता को लेकर किए जा रहे नगर निगम के दावे हवा हवाई साबित होने लगे हैं। शहर के प्रमुख बाजारों के व्यापारियों ने सहभागिता करने का वादा किया और निभा भी रहे हैं लेकिन रक्षाबंधन पर्व पर ही निगम प्रशासन स्वच्छता के मामले में फिसड्डी साबित हुआ। त्योहार पर व्यापारियों ने मोर्चा संभाला और निजी सफाईकर्मियों को बुलाकर बाजारों में सफाई कराई।
रक्षाबंधन को लेकर एमआइ रोड के व्यापारियों ने बाजार को स्वच्छ और आकर्षक बनाए रखने की जिम्मेदारी खुद उठा ली है। जयपुर नगर निगम की अनदेखी से क्षुब्ध व्यापारियों ने शुक्रवार को निजी सफाईकर्मी लगाकर पांच बत्ती से अजमेरी गेट तक सड़क के दोनों ओर झाड़ू लगवाई और कचरा डस्टबिन में डलवाया। एमआइ रोड व्यापार मंडल की इस पहल में अध्यक्ष एच.एस. पाली, महामंत्री सुरेश सैनी सहित अन्य व्यापारी शामिल हुए।
उन्होंने बताया कि बाजार का आधा हिस्सा ग्रेटर और आधा हैरिटेज नगर निगम में आता है, फिर भी नियमित सफाई नहीं होती। ऐसे में त्योहारों पर बाजार को स्वच्छ बनाए रखने के लिए अब हर पर्व पर निजी सफाईकर्मी लगाकर सफाई करवाई जाएगी। व्यापारी मोहनलाल कुमावत ने बताया कि निगम के कर्मचारी समय पर सफाई नहीं करते और कचरा भी नहीं उठाते, जबकि व्यापारी स्वयं डस्टबिन लगवा चुके हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ।
व्यापार मंडल पदाधिकारियों के अनुसार एमआइ रोड बाजार में निगम के कर्मचारी समय पर सफाई करने नहीं आते वहीं डस्टबिन में जमा कचरे के निस्तारण के भी निगम ने अभी तक कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं। जिसके कारण बाजार में त्योहार पर भी गंदगी कचरे के ढेर दिखाई देने लगे हैं।
मालूम हो राजस्थान पत्रिका का स्वच्छता का संस्कार अभियान शहर में चल रहा है जिसमें आमजन से लेकर शहर के प्रमुख बाजारों के व्यापार मंडलों ने भी सहयोग किया है। जयपुर हैरिटेज और ग्रेटर नगर निगम प्रशासन भी अभियान में सक्रिय है। सभी का मकसद जयपुर शहर को स्वच्छता रैंकिंग में अव्वल लाना है। लेकिन निगम प्रशासन की उदासीनता अभियान की रफ्तार को धीमा कर रही है।
Published on:
09 Aug 2025 09:59 am