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दो बच्चों की मां के साथ बर्बरता; प्रेमी ने हत्या कर टूकड़े-टूकड़े ‌किए, सर नदी में धड़ कुएं में और…

दिल्ली में हुए श्रद्धा वालकर हत्याकांड की तरह ही झांसी में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पूर्व प्रधान ने अपनी प्रेमिका की बेरहमी से हत्या कर उसके 7 टुकड़े कर डाले और उन्हें अलग-अलग जगह ठिकाने लगा दिया।

झांसी

Aman Pandey

Aug 21, 2025

UP News, crime, crime news

13 अगस्त को झांसी के किशोरपुरा गांव में एक कुएं से बोरे में बंद महिला का धड़ बरामद हुआ था। सिर और पैर गायब होने के कारण शव की पहचान मुश्किल हो रही थी। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस की 18 टीमें इस रहस्य को सुलझाने में जुटीं। गहन जांच के बाद, मृतका की पहचान मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की रहने वाली रचना यादव (35) के रूप में हुई।

जांच में सामने आया कि यह जघन्य अपराध टोड़ीफतेहपुर के महेवा गांव के पूर्व प्रधान संजय पटेल ने अपने भतीजे संदीप पटेल और एक अन्य साथी प्रदीप अहिरवार के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने संजय और संदीप को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि प्रदीप अभी भी फरार है।

प्रेम प्रसंग और ब्लैकमेलिंग का जाल

रचना यादव विवाहित थी और उसके दो बच्चे हैं। पति के खिलाफ चल रहे एक कानूनी मामले में संजय पटेल ने उसकी मदद की थी। इसके बाद दोनों में प्रेम-प्रसंग हो गया। धीरे-धीरे रचना संजय से पैसों की मांग करने लगी और उस पर शादी का दबाव बनाने लगी। संजय पहले से ही शादीशुदा था और रचना के इस दबाव से परेशान हो चुका था। उसने रचना को रास्ते से हटाने का मन बना लिया।

हत्या का खौफनाक तरीका

9 अगस्त को संजय अपने भतीजे संदीप और साथी प्रदीप अहिरवार के साथ रचना को अपनी कार में घुमाने के बहाने ले गया। कार में भी रचना ने शादी की जिद नहीं छोड़ी। इपर संजय ने कार के अंदर ही उसका गला घोंट दिया।

इसके बाद तीनों आरोपी लाश को किशोरपुरा गांव ले गए। विनोद पटेल नाम के एक किसान के खेत में बने कुएं के पास उन्होंने धारदार हथियार से शव के सात टुकड़े किए। उन्होंने तीन बोरियों में शरीर के टुकड़े भरे और उनमें ईंटें डालकर कुएं में फेंक दिया ताकि लाश पानी में ऊपर न आए। बाकी चार टुकड़े, जिसमें सिर और पैर भी शामिल थे, उन्होंने 7 किलोमीटर दूर रेवन गांव के पास एक नदी में फेंक दिए।

ऐसे हुई पहचान और गिरफ्तारी

13 अगस्त को जब किसान विनोद पटेल अपने खेत पर गए तो कुएं से तेज दुर्गंध आ रही थी। उन्होंने कुएं में देखा तो पानी में दो बोरियां तैर रही थीं। पुलिस को सूचना दी गई और बोरियों को बाहर निकाला गया। एक बोरी में गर्दन से कमर तक का हिस्सा था और दूसरी में कमर से जांघ तक का हिस्सा मिला। कुएं को खाली करवाने पर एक हाथ भी बरामद हुआ, लेकिन सिर गायब होने से पहचान मुश्किल हो रही थी।

जांच में जुटी पुलिस की 18 टीमों में से एक महेवा गांव पहुंची, जहां एक व्यक्ति ने शव की पहचान रचना यादव के रूप में करने का संदेह व्यक्त किया। पुलिस ने रचना के भाई से संपर्क किया, जिसने पुष्टि की कि यह शव उसकी बहन का है। भाई ने यह भी बताया कि हत्या के बाद संजय ने उसे फोन करके बताया था कि उसने उसकी बहन को मार दिया है। इस जानकारी के आधार पर, पुलिस ने संजय और उसके भतीजे संदीप को गिरफ्तार कर लिया। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने नदी से सिर और बाकी अंग बरामद किए। संजय पटेल और संदीप पटेल को जेल भेज दिया गया है, जबकि तीसरे आरोपी प्रदीप की तलाश जारी है।

दो शादियां, दो बच्चे, और तीसरा रिश्ता

पुलिस के मुताबिक, रचना यादव टीकमगढ़ के मैलवारा गांव की रहने वाली थी। उसकी पहली शादी टीकमगढ़ में ही हुई थी, जिससे उसके दो बच्चे हुए। शादी के पांच साल बाद पति से अनबन होने पर वह मायके लौट आई। इसके बाद, उसने दूसरी शादी टोड़ीफतेहपुर के महेवा गांव के शिवराज यादव से की। लेकिन यह रिश्ता भी लंबा नहीं चला। साल 2023 में, रचना ने शिवराज और उसके बड़े भाई पर बलात्कार और हत्या के प्रयास का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करा दी। इस मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही थी।

पैरवी से शुरू हुआ खूनी खेल

इसी मुकदमे के दौरान रचना की मुलाकात पूर्व प्रधान संजय पटेल से हुई। संजय ने केस में उसकी मदद करना शुरू किया, और इसी दौरान दोनों में दोस्ती हो गई। जल्द ही यह दोस्ती प्यार में बदल गई। रचना ने संजय से मोटी रकम भी ली और उस पर शादी करने का दबाव बनाने लगी। संजय पहले से शादीशुदा था और रचना के इस दबाव से परेशान हो गया। उसने रचना को रास्ते से हटाने की साजिश रची और अपने दो साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।