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झुंझुनूं आकर क्यों नाराज हुए मंत्री सुमित गोदारा, जानें पूरी कहानी

मंत्री ने डीएसओ निकिता राठौड़ से कहा कि फील्ड में कहां-कहां जाती हो, इसकी रिपोर्ट नियमित कलक्टर को करें।

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बैठक में निर्देश देते मंत्री सुमित गोदारा।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा गिप अप अभियान में झुंझुनूं जिले की पूरे राज्य में 36 वीं रैंक से काफी नाराज नजर आए। उन्होंने सोमवार को कलक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में जिम्मेदार अधिकारियों से कहा कि अपना काम सुधार लो, नहीं तो ऐसी जगह भेजूंगा, वापस झुंझुनूं नहीं आ सकोगी। यह पढा लिखा जिला है, नौकरी वाला व बिजनेसमैन का जिला है, यह जिला तो अभियान में टॉप में रहना चाहिए। मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि 31 अक्टूबर तक अपात्र लोगों को सूची से बाहर नहीं किया गया, तो 1 नवंबर से सख्ती बरती जाएगी। मंत्री ने डीएसओ डॉ निकिता राठौड़ से कहा कि फील्ड में कहां-कहां जाती हो, इसकी रिपोर्ट नियमित कलक्टर को करें।

बैठक में जिला कलक्टर डॉ अरुण गर्ग, विधायक राजेंद्र भांबू, पूर्व सांसद संतोष अहलावत , पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी , राजेश दहिया , बबलू चौधरी, सूरजगढ़ प्रधान बलवान पूनिया, अलसीसर प्रधान घासीराम पूनिया, कमलकांत शर्मा व अन्य मौजूद रहे।

जानें क्यों नाराज हुए मंत्री

गिव अप अभियान में राज्य का औसत करीब 11 फीसदी है। जबकि झुंझुनूं जिले का औसत 6.93 फीसदी है। यह काफी कम है। जिले की रैंक पूरे राज्य में 36 वीं है। अब तक मात्र 91 हजार अपात्र लोग ही अपना नाम हटवा सके हैं। गोदारा ने अब गिव अप अभियान में 1 लाख 45 हजार का लक्ष्य तय किया है, ताकि जिला राज्य औसत 11 फीसदी के बराबर आ सके।

नया लक्ष्य यह दिया

ब्लॉक लक्ष्य

बुहाना 6,900

चिड़ावा 4,300

झुंझुनूं 4600

खेतड़ी 14,300

मलसीसर 1100

मंडावा 2400

नवलगढ़ 11 हजार

उदयपुरवाटी 10 हजार

(अपात्र लोगों को 31 अक्टूबर तक हटाना है)

पत्रकारों के सवाल, मंत्री के जवाब

सवाल: केवल वसूली से क्या होगा, कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?

जवाब: अभी समझाने के लिए गिव अप अभियान शुरू किया है। अपात्रों से 30 रुपए 57 पैसे प्रति किलो की दर से वसूली होगी। जिनके घर में कार है तथा बिजली का बिल पांच हजार से ज्यादा आता है उनको सरकारी राशन नहीं मिलेगा। अब नाम भी सार्वजनिक किए जाएंगे।

सवाल: कई सालों से राशन डीलरों के पद खाली क्यों हैं?

जवाब: जल्द ही पद भरे जाएंगे। विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। नवम्बर-दिसम्बर तक पूरे राज्य में पद भर जाएंगे।

सवाल: गाडिया लुहरों व अन्य को राशन नहीं मिल रहा?

जवाब: किसी भी ई मित्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं, इसके बाद नहीं जुड़े तो कलक्टर से मिलें। ई-केवाईसी सभी लोग अनिवार्य रूप से करवाएं। अब स्कूलों में भी ई केवाईसी का कार्य होगा।

सवाल: बजट में कहा था कि जो बुजुर्ग हैं उनको घर बैठे राशन मिलेगा, यह योजना शुरू क्यों नहीं हुई?

जवाब: पहले हमारा लक्ष्य गिव अप अभियान है, फिर घर बैठे राशन भी देंगे।