
प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका
UIT Retired Senior Clerk Tarachand Singhal: कोटा देहात एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के 13 साल पुराने मामले में आरोपी यूआइटी के सेवानिवृत्त वरिष्ठ लिपिक के खिलाफ जांच के बाद एसीबी न्यायालय में चालान पेश किया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के कोटा देहात एडिशनल एसपी गोपाल सिंह कानावत ने बताया कि तलवंडी निवासी यूआइटी कोटा सेवानिवृत्त वरिष्ठ लिपिक ताराचंद सिंघल (72) के खिलाफ ब्यूरो के पुलिस महानिरीक्षक पुलिस द्वितीय आनन्द शर्मा के निर्देशन में एडिशनल एसपी गोपाल सिंह कानावत ने मामले का अनुसंधान किया।
आरोपी के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर आरोप पत्र कोटा एसीबी न्यायालय में सहायक निदेशक अभियोजन जया गौतम के जरिए पेश किया। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी को जेल भेजने के आदेश दिए।
वर्ष 2012 में एसीबी को शिकायत मिली कि यूआइटी के वरिष्ठ लिपिक ताराचंद सिंघल ने यूआइटी की कई योजनाओं की रिकॉर्ड फाइलें अपने घर पर रख रखी है। वह योजनाओं में लाखों रुपए कमा चुका है, जबकि उसके पास वेतन के अलावा अन्य कोई आय का जरिया नहीं है। उसने आय से अधिक सम्पत्तियां अर्जित कर रखी है। जांच में उसके पास आय से कई गुना अधिक परिसम्पत्तियां पाई गई।
एसीबी कोटा के तत्कालीन एडिशनल एसपी देवेन्द्र कुमार शर्मा ने एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान किया। एडिशनल एसपी अरुण मच्या और प्रेरणा शेखावत ने भी अनुसंधान किया। एडिशनल एसपी गोपाल सिंह कानावत ने आरोप पत्र तैयार किया। इसमें आरोपी के पास आय से 5% अधिक संपत्ति अर्जित करना प्रमाणित पाया गया। यूआइटी के तत्कालीन सचिव कुशल कुमार कोठारी ने मामले में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की। एसीबी के विशिष्ट न्यायाधीश ने आरोपी को 11 दिसंबर तक जेल भेज दिया।
Published on:
29 Nov 2025 02:58 pm
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