ओडिशा के भुवनेश्वर से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां, फूड डिलीवरी एजेंट ने महिला पर धारधार हथियार से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि जब महिला ने एजेंट से पूछा कि ऑर्डर लाने में देर क्यों हुई? इस बात पर वह भड़क उठा और महिला पर लगातार कई वार किए।
पुलिस ने बताया कि बिनोदिनी रथ नाम की महिला ने ऑनलाइन खाना ऑर्डर किया था। इसकी डिलीवरी में देरी हुई। इसके बाद, जब डिलीवरी एजेंट तपन दास उर्फ मीतू महिला के घर खाना लेकर पहुंचा, तो उसने उससे देरी के बारे में पूछा। इसके बाद दोनों में बहस होने लगी। इस दौरान डिलीवरी एजेंट ने एक धारदार हथियार उठाया और महिला पर हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि हमले के बाद महिला की गर्दन, सिर, हाथ और पैर पर गंभीर चोटें आईं हैं। घटना के बाद उसे तुरंत पास के एक अस्पताल में ले जाया गया। पीड़िता भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में नर्स का काम करती थी।
पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ, वह हथियार भी जब्त कर लिए, जिसे महिला पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने बताया कि मेडिकल जांच में यह पता चला कि घटना के समय डिलीवरी एजेंट नशे में था।
बरहामपुर पुलिस ने मंगलवार को एक जालसाज को गिरफ्तार किया। उसपर आरोप है कि उसनेने मिशन शक्ति विभाग के तहत कार्यक्रमों में निवेश का झांसा देकर एक व्यवसायी से 6 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की।
आरोपी की पहचान गंजम जिले के कोडाला थाना क्षेत्र के डिगीपाड़ा गांव निवासी अनिल कुमार मिश्रा (35) के रूप में हुई है। पीड़ित अनुराग मिश्रा कुछ साल पहले एक मित्र के जरिए आरोपी अनिल के संपर्क में आये थे।
बाद में अनिल ने अनुराग को राज्य सरकार के मिशन शक्ति विभाग के तहत ब्लॉकों और महिला स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न वस्तुओं की आपूर्ति से संबंधित परियोजनाओं में पैसा लगाने के लिए राजी किया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि 29 अप्रैल, 2024 को शिकायतकर्ता ने अपने खाते से 2,00,000 रुपये ट्रांसफर करके निवेश किए।
तुरंत ही, तीन अलग-अलग लेन-देन के जरिए शिकायतकर्ता अनुराग के चालू खाते में 2,26,000 रुपये जमा हो गए, जिससे उसे आरोपी अनिल की योजना और ईमानदारी पर भरोसा हो गया। इसके बाद, अनुराग ने आरोपी द्वारा उपलब्ध कराए गए विभिन्न बैंक खातों में बड़ी रकम निवेश करना जारी रखा।
पुलिस सूत्रों ने आगे बताया कि इस शुरुआती सफलता पर भरोसा करते हुए और विश्वास हासिल करने के बाद, वह निवेश करता रहा और इस तरह, शिकायतकर्ता ने मई 2024 से 11 अप्रैल, 2025 तक की अवधि के दौरान अलग-अलग तारीखों पर अपने आईसीआईसीआई बैंक खातों से बैंक लेनदेन के जरिए कुल 9,71,55,073 रुपये का निवेश किया।
हालांकि अप्रैल 2025 तक, अनुराग को आरोपी व्यक्ति से लगभग 3 करोड़ रुपये वापस मिले, लेकिन पीड़ित को 11 अप्रैल, 2025 के बाद कोई पैसा नहीं मिला।
अनुराग को अंततः एहसास हुआ कि वह धोखाधड़ी का शिकार हो गया है और उसने साइबर अपराध एवं आर्थिक अपराध पुलिस स्टेशन, बरहामपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई।
Updated on:
08 Aug 2025 09:35 am
Published on:
08 Aug 2025 09:23 am