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कन्हैया संग बेटों ने देखी फिल्म, पिता की मौत का सीन देख रो पड़े

उदयपुर फाइल्स : कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच रिलीज हुई फिल्म

उदयपुर. तीन साल पहले हुए उदयपुर के चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड पर बनी फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' आखिर शुक्रवार को रिलीज हो गई। उदयपुर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीन थियेटर में फिल्म के शो हुए। कन्हैयालाल के बेटे यश और तरुण साहू पिता की तस्वीर लेकर फिल्म देखने पहुंचे। पिता की मौत और मां की पीड़ा का सीन देखकर दोनों बेटे रो पड़े। ऐसे ही सीन नहीं देख पाने की वजह से कन्हैया की पत्नी यशोदा थियेटर नहीं पहुंची।सरकार की अनुमति के बाद फिल्म उदयपुर सहित देशभर के 4500 स्क्रीन पर शुक्रवार को रिलीज हुई। फिल्म के विवादों में रहने की वजह से एहतियातन जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। फिल्म खत्म होने के साथ ही थियेटर में भारत माता के जयकारे गूंज उठे। लोगों ने कन्हैयालाल अमर रहे... जैसे नारे भी लगाए। फिल्म देखने वालों में ज्यादातर तादाद हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं की रही। दर्शकों ने फिल्म सेंसरशिप में कई अहम बिंदुओं पर कट लगने का अफसोस जताया, वहीं कन्हैया की कहानी पर और भी फिल्म बनने की उम्मीद जमाई। दर्शकों ने कहा कि फिल्म में हकीकत को सहजता से दिखाया है।

बेटा बोला- 'फिल्म एक संदेश, न्याय मिलना बाकी'

फिल्म देखने के बाद यश ने कहा आतंकी मानसिकता वाले लोगों ने पिता की हत्या की। यही घटनाक्रम फिल्म में दिखाया है। उदयपुर फाइल्स फिल्म से एक संदेश है कि परिवार तीन साल से न्याय मांग रहा है, लेकिन अभी तक आरोपियों को सजा नहीं मिली है। देशवासी हमारा साथ दें, जिससे जल्द से जल्द आरोपियों को सजा मिल सके। दर्शकों से अपील है कि फिल्म को मनोरंजन के तौर पर नहीं, बल्कि एक परिवार की पीड़ा के तौर पर देखें।

कन्हैया के साथ 8 नंबर का संयोग

फिल्म देखने के दौरान बेटों ने पिता की तस्वीर जिस सीट पर रखी थी, उसका नंबर 8 था। फिल्म भी 8वें महीने की 8 तारीख को रिलीज हुई है। यही नहीं कन्हैयालाल की जन्म तारीख 28 और मृत्यु भी 28 तारीख को हुई। लिहाजा इनमें भी 8 अंक आता है।


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