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चपरासी अब बन सकेंगे लेखपाल, सरकार ने 2 प्रतिशत पद किए आरक्षित

UP Cabinet Meeting : राजस्व विभाग में कार्यरत कानूनगो के चपरासी (चैन मैन) को अब लेखपाल बनने का मौका मिलेगा। लेखपाल के कुल पदों में 2% पद चैन मैन से प्रमोशन के लिए रिजर्व रखे जाएंगे।

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कैबिनेट में 14 प्रस्तावों पर लगी मुहर, PC- Patrika

नोएडा : योगी सरकार ने यूपी के 60 साल के बुजुर्गों को तोहफा दिया है। अब उन्हें वृद्धावस्था पेंशन के लिए कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इसके लिए योगी सरकार ने सिस्टम में एक बदलाव किया है। कैबिनेट ने बैठक पेंशन भुगतान योजना पर मुहर लगा दी है। इसके अलावा सरकार ने चैनमैन के लेखपाल बनने के लिए 2 प्रतिशत पद रिजर्व किए हैं।

सरकार अब खुद 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को खुद फोन करेगी और पूछेगी कि क्या आप वृद्धावस्था पेंशन का लाभ लेना चाहते हैं। अगर हां बोलेंगे तो एक आसान प्रक्रिया समझाई जाएगी और पेंशन बन जाएगी। कैबिनेट बैठक में भारतीय महिला टीम को वर्ल्ड कप जीतने पर बधाई भी दी गई।

समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन देने में कई कठिनाई आ रही थी। इसलिए सरकार ने फैमिली आईडी सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इसके जरिए सरकार को वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र लोगों की जानकारी मिलेगी। साथ ही आगामी तीन महीने में कौन लोग 60 वर्ष की आयु पूरी करेंगे, इसकी भी जानकारी मिल जाती है।

उन्होंने बताया- वृद्धावस्था पेंशन देने से पहले एक बार उनकी सहमति लेना अनिवार्य है। लिहाजा अब विभाग खुद फोन या घर पर संपर्क कर पूछगा कि दादी, चाची, अम्मा या बाबा… आपको वृद्धावस्था पेंशन लेनी है क्या? यदि पेंशन लेनी होगी तो वह बायोमैट्रिक सहमति मोबाइल एप से दे सकते हैं। पंचायत सहायक और कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी सहमति दे सकते हैं। जीवन प्रमाण पोर्टल पर जीवित रहने का प्रमाण पत्र देना होगा। इसके बाद उनकी पेंशन शुरू हो जाएगी।

यूपी की खिलाड़ी दीप्ति शर्मा को भी कैबिनेट ने शुभकामनाएं दीं। दिल्ली में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया। कैबिनेट ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। कौन-कौन से प्रस्ताव पास हुए, सिलसिलेवार पढ़िए-

1- अब चैन मैन बनेंगे लेखपाल : राजस्व विभाग में कार्यरत कानूनगो के चपरासी (चैन मैन) को अब लेखपाल बनने का मौका मिलेगा। लेखपाल के कुल पदों में 2% पद चैन मैन से प्रमोशन के लिए रिजर्व रखे जाएंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश लेखपाल सेवा नियमावली (पंचम संशोधन) 2025 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

2- जजों को मिलेगा 10 लाख रुपए का कार लोन : वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया- न्यायिक सेवा और उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों को मिलने वाला कार लोन 8 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दिया गया है। ब्याज दर 5% वार्षिक होगी।

3- हाईकोर्ट के 156 निजी सचिवों को प्रमोशन मिलेगा : इलाहाबाद हाईकोर्ट के 156 निजी सचिवों को ग्रेड-1 में प्रमोशन देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इससे सरकार पर सालाना 10 करोड़ का खर्च आएगा।

4- बागपत मेडिकल कॉलेज को जमीन मिलेगी : मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया- बागपत मेडिकल कॉलेज को 5.6 हेक्टेयर जमीन दी जाएगी। यह जमीन मत्स्य विभाग की है, जिसे निशुल्क मेडिकल विभाग को ट्रांसफर किया जाएगा।

5- दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम 1962 में संशोधन: श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम 1962 में संशोधन प्रस्ताव पारित किया है। अभी तक अधिनियम केवल शहरी क्षेत्र के लिए था, अब इसे ग्रामीण क्षेत्र के लिए भी लागू किया जा रहा है। इस अधिनियम में निजी अस्पताल, क्लिनिक, वास्तुकार, तकनीकी परामर्शदाता को भी इसके दायरे में लाया गया है। पहले एक कर्मचारी पर पंजीयन कराना होता था, लेकिन अब 20 से अधिक कर्मचारी होंगे तो उन्हें पंजीयन कराना होगा।

6- निजी प्लेज पार्क विकसित किए जाएंगे: एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने बताया कि अब मुख्य मार्ग से ढाई किलोमीटर अंदर तक सात मीटर चौड़ी सड़क पर भी 15 से 50 एकड़ जमीन पर निजी प्लेज पार्क विकसित किए जाएंगे। मुख्य मार्ग से प्लेज पार्क तक सात मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी से कराया जाएगा। सरकार प्लेज पार्क विकसित करने के लिए 50 लाख रुपए एकड़ की दर से सहायता राशि भी देगी। सहायता राशि एक प्रतिशत ब्याज दर पर दी जाएगी।

7- उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराना आसान: उन्होंने बताया कि सरकार ने स्टांप शुल्क में भी छूट देने का निर्णय किया है। अब पार्क के अंदर किसी भी प्लाट पर स्टांप शुल्क सात मीटर रोड के हिसाब से ही लिया जाएगा। प्राधिकरण के तहत प्लेज पार्क बनाने पर विकास शुल्क 100 फीसदी देना पड़ रहा था, उसे घटाकर अब 25 फीसदी किया है। मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए प्राधिकरण के पास जाना पड़ रहा था, अब उद्योग आयुक्त ही नक्शा पास करेंगे। इससे उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराना आसान होगा। ग्रामीण इलाकों में भी औद्योगिक विकास होगा।

8- किरायेदारी पट्टे पर स्टांप ड्यूटी में छूट मिलेगी: सुरेश खन्ना ने बताया कि 1 लाख रुपए सालाना किराए तक किराया पट्टा रजिस्टर कराना जरूरी नहीं होगा, चाहें तो करा सकते हैं। 2 लाख रुपए सालाना किराया होने पर रजिस्ट्रेशन शुल्क 500 रुपए देना होगा। 2 से 5 लाख रुपए सालाना किराया होने पर, 2 से 5 साल की अवधि के लिए 1500 रुपए शुल्क लगेगा। 5 से 10 साल के लिए शुल्क 2000 रुपए होगा।