Lay Offs in Tech Companies: टेक और गैर टेक कंपनियों में छंटनी का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। वर्ष 2024 में 549 टेक कंपनियों को 1.5 लाख से ज्यादा लोगों को नौकरियों से बाहर का रास्ता दिखाया था। वहीं यह सिलसिला वर्ष 2025 भी जारी है। ले ऑफ्स डॉट एफवाईआई के मुताबिक खबर लिखे जाने तक दुनिया भर में 171 टेक कंपनियों ने 80,250 लोगों का बाहर का रास्ता दिखा दिया है जबकि कुछ अन्य स्रोतों के मुताबिक यह आंकड़ा एक लाख से ज्यादा का है। आइए यहां जानते हैं दुनिया में नौकरी छिने जाने का हाल...
वर्ष 2023 में 1,193 टेक कंपनियों ने 264,220 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जबकि वर्ष 2022 में 1,064 टेक कंपनियों ने 165,269 कर्मचारियों को चलता किया। कुल मिलाकर वर्ष 2022, 2023 और 2024 में 5.82 लाख नौकरियों से खदेड़े गए। इन आंकड़ों में वर्ष 2025 के जुलाई तक के आंकड़ें जोड़ लें तो टेक कंपनियों से 6,62,661 लोगों को नौकरियों से हटाया जा चुका है।
एक रिपोर्ट के अनुसार मेटा, अमेज़न और भारतीय स्टार्ट-अप जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों ने सिर्फ भारत में जनवरी 2025 में लगभग 28,000 लोगों को हटाया। वहीं इसी महीने अकेले माइक्रोसॉफ्ट ने लगभग 6,000 कर्मचारियों की छंटनी की। फरवरी में अलग अलग कंपनियों से 16 हजार से ज्यादा कर्मियों की नौकरियां गईं। गैर टेक कंपनियां भी बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही हैं। इन कंपनियों में निसान, पोर्श, स्टारबक्स जैसी कंपनियों में भी पिंक स्लिप समय समय पर पकड़ाए जा रहे हैं।
इंटेल के सीईओ लिप बू टैन Lip-Bu Tan ने यह घोषणा की है कि कंपनी सितंबर 2025 से अपने कर्मचारियों से सप्ताह में चार दिन ही काम कराएगी। कंपनी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा भी सितंबर से खत्म करने जा रही है। कंपनी के सीईओ ने अपनी ज्वाइनिंग के कुछ समय बाद ही यह घोषणा कर दी थी कि उनकी योजना 15 से 20 फीसदी वर्कफोर्स कम करने की है। मतलब इंटेल से 25 हजार से ज्यादा कर्मचारी वर्ष 2025 में निकाले जाएंगे। इंटेल में दिसंबर 2024 के दिसंबर तक 10,9000 लोग काम कर रहे थे। वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया की एक ताजा खबर के मुताबिक, इंटेल इस साल के अंत तक 75 हजार कर्मचारियों की छंटनी करेगी।
अमेजन ने करीब 14,000 प्रबंधन स्तर पदों में छंटनी की है। क्रमश: पैनासोनिक ने 10,000, आईबीएम 8,000, माइक्रोसॉफ्ट 6,500, एचपी 6,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला। वहीं वर्ष 2025 में मेटा ने अच्छा परफॉर्मेंस नहीं करने वाले 6,000 कर्मचारियों का बाहर निकालने का प्लान बनाया है। इस प्लान पर काम करते हुए कंपनी ने अबतक 3,600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल भी दिया है। अब तक ब्लू ओरिजिन से 1,000 लोग निकाले जा चुके हैं। मोटर कंपनी निसान ने भी इस साल 20 हजार और पोर्श कंपनी ने करीब 2 हजार लोगों का बाहर करने का प्लान बनाया है। गैर टेक कंपनियों में स्टारबक्स 1100 कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है।
वर्ष 2024 में काफी बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को पिंक स्लिप थमाया गया। रेशनल एफएक्स डॉटकॉम के अनुसार, डेल (18,500), इंटेल (15,100), अमेजन (14,968), सेमसंग (14,455), टेस्ला (14000), एलआई ऑटो (10,000), सिस्को (9,600), एसएपी (9,500), तोशिबा (9,000), गेटिर (6,000), पेटीएम (5,000), सीमन्स (5,000) और माइक्रोसॉफ्ट (4,985) से निकाले गए।
Published on:
04 Aug 2025 05:21 pm