
Magh Mela: माघ मेला 2026 की तैयारियां तेज: Image Source - 'FB' @maghmelaprayagraj
Magh Mela 2026 Prayagraj News: प्रयागराज में माघ मेला 2026 की तैयारियां तेजी पकड़ चुकी हैं। प्रशासनिक, रेलवे और परिवहन विभाग मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाने में जुटे हैं, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित अनुभव मिल सके। मेला प्राधिकरण ने इस बार भूमि आवंटन की समय-सारणी को अंतिम रूप दे दिया है। 2 दिसंबर को परंपरागत गंगा पूजा के साथ भूमि आवंटन प्रक्रिया शुरू होगी।
धार्मिक संस्थाओं को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि आवंटन के बाद वे सुविधाओं की तत्काल मांग न करें, क्योंकि सुविधा स्लिप आवंटन के दो दिन बाद ही जारी की जाएगी। 2 से 4 दिसंबर तक दंडीनगर और डंडी बड़ा के संतों को भूमि दी जाएगी, 5 और 6 दिसंबर को आचार्य नगर के समूहों को, जबकि 7 से 9 दिसंबर तक खड़कचौक के संतों को भूमि वितरित की जाएगी। एडीएम दयानंद प्रसाद ने कहा कि अन्य संस्थाओं के लिए भूमि व सुविधा स्लिप की तिथियां अलग से जारी होंगी।
महा कुम्भ मॉडल को आधार बनाते हुए भारतीय रेल ने इस बार मेले में आने वाले यात्रियों के लिए बड़े पैमाने पर ब्रांडिंग की योजना तैयार की है। सुबेदारगंज से विंध्याचल तक के सभी प्रमुख स्टेशनों पर थीम बेस्ड सजावट की जाएगी। इसके लिए रेलवे ने 38.44 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया है। स्टेशन के प्रवेश द्वार, कॉनकोर्स, वेटिंग रूम, टिकट काउंटर और सर्कुलेटिंग एरिया तक पोस्टर, बैनर, ग्लो-साइन और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु मेले की थीम का अनुभव हर जगह कर सकें।
पिछले कुम्भ और माघ मेलों में सुविधाएं वापस न करने वाली संस्थाओं को इस बार डिफाल्टर की श्रेणी में रखा गया है। इन्हें न तो भूमि मिलेगी और न ही कोई सुविधा। एसडीएम विवेक शुक्ला ने साफ कहा कि सभी संस्थाओं को अपनी पहचान आधार नंबर और अद्यतन तस्वीरों के साथ प्रस्तुत करनी अनिवार्य होगी।
मेले के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने बड़ी रणनीति बनाई है। प्रमुख स्नान पर्वों पर प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री बंद रहेगी। केवल आरक्षित या सामान्य टिकट वाले यात्रियों को ही स्टेशन परिसर में प्रवेश मिलेगा। यह व्यवस्था भीड़ प्रबंधन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए लागू की जाएगी।
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि शहर में खराब स्ट्रीट लाइट को एक सप्ताह के भीतर ठीक किया जाए। 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक बिजली आपूर्ति निर्बाध रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। एयरपोर्ट रोड की बिजली लाइन को ग्रामीण फीडर से हटाकर शहरी फीडर से जोड़ने के आदेश दिए गए हैं, ताकि मेले के दौरान बिजली कटौती की समस्या न हो। इसके साथ ही NHAI को हंडिया से कानपुर मार्ग तक सभी प्रमुख रास्तों पर संकेतक बोर्ड बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बार मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग ने पहली बार 275 शटल बसों को प्रमुख स्नान दिनों पर चलाने का निर्णय लिया है। कुल 3800 बसें मेले के दौरान तैनात रहेंगी, जिनमें से 200 बसें जिले के भीतर और इंटर-डिस्ट्रिक्ट रूट्स पर लचीले तरीके से संचालित की जाएंगी।
Published on:
30 Nov 2025 12:21 pm
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