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Cyber Crime: फिशिंग करके दो डॉक्टरों से लाखों ठगे, कंपनी का कर्मचारी बताकर वकील से भी ठगी

जयंत ने उस पर भरोसा कर लिया। इसके बाद उसमें दिए मोबाइल नंबर के जरिए फायरर्स सिक्युरिटी प्राइवेट लिमिटेड के वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ गए।

Cyber Crime: फिशिंग करके दो डॉक्टरों से लाखों ठगे, कंपनी का कर्मचारी बताकर वकील से भी ठगी
Cyber Crime: फिशिंग करके दो डॉक्टरों से लाखों ठगे, कंपनी का कर्मचारी बताकर वकील से भी ठगी

साइबर ठगों के लुभावने झांसे में आकर दो डॉक्टर और एक वकील लाखों रुपए की ऑनलाइन ठगी के शिकार हो गए। साइबर ठगों ने फेसबुक में शेयर मार्केट में भारी मुनाफा दिलाने का दावा करते हुए फिशिंग मैसेज भेजा। पीडि़तों ने उसे सही मान लिया और उनके कहे अनुसार लाखों रुपए निवेश किया, लेकिन उन्हें मुनाफा नहीं मिला। इसकी शिकायत पर पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला तेलीबांधा, सरस्वती नगर और आमानाका थाना क्षेत्र का है।

सोशल मीडिया में आया ठगों का विज्ञापन

डॉक्टर जयंत चंद्राकर एक निजी डेंटल कॉलेज में प्रोफेसर हैं। उनके फेसबुक पर एक विज्ञापन आया, जिसमें दावा किया गया कि शेयर मार्केट में निवेश की गाइडलाइन लेकर भारी मुनाफा कमाएं। जयंत ने उस पर भरोसा कर लिया। इसके बाद उसमें दिए मोबाइल नंबर के जरिए फायरर्स सिक्युरिटी प्राइवेट लिमिटेड के वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ गए। इसमें शेयर मार्केट से जुड़े मैसेज, निवेश संबंधित जानकारी आने लगी। जयंत ने भी कुछ कंपनियों में पैसा लगाया। इसके बाद कीर्तिका जोशी नाम की युवती ने खुद को कस्टमर केयर बताकर उन्हें ज्यादा लाभ कमाने के लिए ज्यादा रकम लगाने कहा। उन्हें अलग-अलग कंपनियों में पैसा लगाने कहा। जयंत ने उनके बताए अनुसार अलग-अलग कंपनियों में कुल 26 लाख 68 हजार 141 रुपए जमा कर दिए, लेकिन उन्हें मुनाफा नहीं मिला। बाद में उन्हें ग्रुप से निकाल भी दिया गया। इसकी शिकायत पर आमानाका पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

महिला डॉक्टर भी फंसी जाल में

तेलीबांधा इलाके की एक महिला डॉक्टर को भी साइबर ठगों ने शेयर मार्केट का झांसा दिया। डॉक्टर नेहा गुप्ता को फेसबुक में शेयर मार्केट वाला मैसेज भेजा गया। नेहा भी शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर उनके सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़ गई। इसके बाद उन्हें भी शुरुआत में कुछ मुनाफा दिया गया। इसके बाद उनसे अलग-अलग बैंकों में 13 लाख 13 हजार रुपए जमा करवाए गए। बाद में उन्हें कोई मुनाफा नहीं मिला।इसकी शिकायत पर तेलीबांधा पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

ईवी कंपनी वाला बनकर वकील से ठगी

सरस्वती नगर इलाके में रहने वाले एक वकील से साइबर ठगों ने ईवी कंपनी का कर्मचारी बनकर ठगी की। एडवोकेट आयुष अग्रवाल को 24 अगस्त को अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया। वे कॉल उठा नहीं पाए। शाम करीब 7.15 बजे उन्होंने उस नंबर पर कॉल किया। दूसरी ओर से कॉल उठाने वाले ने खुद को ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर सर्विस सेंटर का कर्मचारी बताया। उसने बताया कि उनके ओला ईवी सीजी 04 पीके 6660 का कार्बेारेटर खराब है। इसे बदलना पड़ेगा। इसमें 13 हजार 500 रुपए लगेंगे। यह राशि बीमा से कवर हो जाएगी।

बातों पर भरोसा करके राशि का भुगतान

आयुष ने उनकी बातों पर भरोसा करके राशि का भुगतान कर दिया। इसके बाद उन्हें फिर कॉल आया। उन्हें बताया गया कि उनका भुगतान फेल हो गया। इसका ईमेल उन्हें भेजा गया। इसके बाद उन्हें यूपीआई करने कहा गया। आयुष ने फिर 13 हजार 200 रुपए यूपीआई के जरिए भेजे। इसके बाद उन्हें शक हुआ। उन्होंने साइबर सेल और सरस्वती नगर थाने में शिकायत की। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है।