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ग्रामीणों के विरोध के बाद रिफाइनरी प्रबंधन ने की सड़क पर लीपापोती शुरू, उड़ रहे धूल के गुबार

भारी वाहनों से क्षतिग्रस्त हुई सड़क, विभाग कई बार कर चुका है पत्राचार, इसके बाद भी नहीं दे रहे ध्यान

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Following protests from villagers, refinery management began plastering the road, sending up clouds of dust.

मरम्मत के नाम पर की जा रही खानापूर्ति

बीना. बिल्धई बुजुर्ग से भांकरई तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत छह किमी की सड़क बनाई गई थी, जिसपर बीपीसीएल पेट्रोकेमिकल प्लांट निर्माण के लिए निकले भारी वहनों से पूरी तरह खराब हो गई है। ग्रामीण सड़क मरम्मत की मांग को लेकर दो बार सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं, जिसके बाद रिफाइनरी प्रबंधन द्वारा यहां लीपापोती शुरू की गई है।
रिफाइनरी प्रबंधन के भारी वाहनों के कारण छह किमी की सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है और इससे कई गांवों के लोग परेशान हैं। ग्रामीण मूडऱी में दो बार प्रदर्शन कर सडक़ बनाने की मांग कर चुके हैं। इसके बाद रिफाइनरी प्रबंधन ने सडक़ मरम्मत को लेकर रस्मअदायगी शुरू कर दी है। सड़क पर लाल मुरम और पानी डालकर रोलर चलाया जा रहा है, जो कुछ दिनों बाद धूल के गुबार बनकर उड़ने लगती है। जबकि सडक़ इस स्थिति में पहुंच गई है कि नव निर्माण करने की जरूरत है, लेकिन रिफाइनरी प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। सडक़ खराब होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है और जल्द ही फिर से प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।

सुरक्षा निधि जमा करने या अपने आधिपत्य में लेने लिखे हैं पत्र
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना विभाग के सहायक प्रबंधक एजाज कुरैशी ने बताया कि पूर्व में कई बार रिफाइनरी प्रबंधन को पत्र लिखे जा चुके हैं कि वह सड़क निर्माण के लिए करीब छह करोड़ रुपए सुरक्षा निधि जमा कर दें या फिर सडक़ को अपने आधिपत्य में लेकर निर्माण करा दें, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। रिफाइनरी प्रबंधन द्वारा सड़क की मरम्मत कराई जा रही है, इसकी जानकारी नहीं है।

कराई जाती है मरम्मत
सड़क की मरम्मत समय-समय पर कराई जा रही है और पूर्व में भी दो बार मरम्मत करा चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी न हो।
अजय शर्मा, एचआर, बीपीसीएल