
जयपुर। शिशुओं की जिंदगी बहुत तेजी से बदलती है, और रोज़मर्रा की छोटी-छोटी आदतें उनके भविष्य के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। कई बार परिवार पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन सही मार्गदर्शन न होने से शुरुआती दिनचर्या अनजाने में गलत आदतों में बदल जाती है। एक नए शोध से पता चला है कि बच्चे के जन्म के पहले 8 हफ्तों में बनाई गई दिनचर्या, 6 महीने बाद उनके वजन और विकास पर असर डाल सकती है। यह अध्ययन पैन स्टेट विश्वविद्यालय द्वारा किया गया है।
अमेरिका में लगभग 1.5 करोड़ बच्चे मोटापे से जूझ रहे हैं, जिससे भविष्य में उन्हें डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि:
अध्ययन में 9 ऐसी आदतें पाई गईं जिनसे 6 महीने में बच्चे का वजन और BMI अधिक पाया गया। इनमें शामिल हैं:
लेकिन एक बात अलग थी, बार-बार रात में बच्चे का जागना हल्के वजन से जुड़ा पाया गया, शायद स्तन दूध और फॉर्मूला दूध की पाचन प्रक्रिया में अंतर के कारण।
कम आय वाले परिवारों के लिए ये स्थिति और कठिन होती है क्योंकि:
विशेषज्ञों ने कहा कि डॉक्टरों के पास समय कम रहता है, इसलिए ज़रूरी आदतों को पहचानना जरूरी है। इसके लिए Early Healthy Lifestyles (EHL) टूल बनाया गया है, जिसे parents सिर्फ 2 मिनट में भर सकते हैं, और इससे पता चलता है कि किन आदतों पर ध्यान देने की ज़रूरत है।
शोध में पाया गया कि:
शोध में पाया गया कि जिन बच्चों के EHL स्कोर ज्यादा थे, उनका वजन और BMI 6 महीने में ज्यादा था।
अगर शुरुआती समय में सही मार्गदर्शन मिले, तो बच्चों में मोटापे को रोकना आसान हो जाता है।
अध्ययन JAMA Network Open जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
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Published on:
28 Nov 2025 05:54 pm
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