राजस्थान के जैसलमेर जिले में जली बस की राख अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि देश में एक और बड़ा हादसा हो गया है। हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही एक प्राइवेट बस में आग लगने से 20 लोगों की मौत हो गई। हादसा आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के बाहरी इलाके में तड़के करीब 3 बजे हुआ। पुलिस के मुताबिक, यह दुर्घटना एक मोटरसाइकिल के बस से टकराने से हुई, टक्कर के बाद बस के फ्यूल टैंक में आग लग गई।
दरअसल यह बस रात करीब साढ़े आठ बजे हैदराबाद के पाटनचेेरु से रवाना हुई थी और शहर के अलग-अलग इलाकों से यात्रियों को लेकर बेंगलुरु की ओर जा रही थी। ज्यादातर यात्री बेंगलुरु में काम करने वाले लोग थे, जो दिवाली मनाने अपने घर हैदराबाद आए थे, अब वे वापस लौट रहे थे। बस वी-कावेरी ट्रैवल्स की थी, जिसमें कुल 41 यात्री सवार थे। इनमें से 21 यात्री सुरक्षित बच निकले, लेकिन बाकी लोग आग में फंस गए। मौके पर पहुंचे राहत दलों ने शवों को निकालना शुरू कर दिया है। डीएनए जांच की प्रक्रिया चल रही है ताकि मृतकों की पहचान की जा सके। पुलिस अधीक्षक विक्रांत पटेल ने बताया कि बस ड्राइवर ने दुर्घटना के तुरंत बाद आग देखी तो दूसरे ड्राइवर को जगाया। उस समय उन्हें लगा कि आग छोटी है, इसलिए उन्होंने पानी की बोतलों से इसे बुझाने की कोशिश की। लेकिन आग तेजी से फैल गई। कुछ यात्री जो उस समय जाग गए थे, उन्होंने खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। हाईवे से गुजर रहे लोगों ने भी मदद की जिससे कई लोग बस से बाहर कूद गए। दुर्भाग्य से, कई लोग बाहर नहीं निकल पाए। जिनकी इस हादसे में जान चली गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कुरनूल जिले में हुई दुर्घटना में हुई मौतें अत्यंत दुखद हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मुख्य सचिव से बात कर स्थिति की जानकारी ली और वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। नायडू ने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने और घायलों को हर संभव चिकित्सीय सहायता देने के आदेश दिए हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भी उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिया है कि हादसे में बचे लोगों और मृतकों के परिवारों को हर तरह की मदद दी जाए। उन्होंने गेंको के सीएमडी डॉ. हरीश को घटनास्थल पर भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि पास के जिले गडवाल के कलेक्टर और एसपी को मौके पर रहकर सहयोग करना चाहिए। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है, उन्होंने सरकार से अपील की है कि मृतकों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाए और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए।
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब हैदराबाद-बेंगलुरु मार्ग पर ऐसी घटना हुई हो। इससे पहले, 30 अक्टूबर 2013 को भी इसी रूट पर एक प्राइवेट बस में आग लगने से 45 लोगों की मौत हो गई थी। वह हादसा महबूबनगर जिले के पालम के पास हुआ था, जब बस के ड्राइवर केबिन के पास से आग भड़क उठी थी। ऐसे में कुरनूल का यह हादसा फिर से यह सवाल खड़ा करता है कि लंबी दूरी की निजी बस सेवाओं में सुरक्षा मानकों का पालन किस हद तक हो रहा है या नहीं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।