
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की। (Photo - Washington Post)
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन को फाइनल वार्निंग दे दी है। उन्होंने साफ कह दिया है कि अगर यूक्रेन अब पीछे नहीं हटा तो रूस जबरदस्ती और इलाकों पर कब्जा कर लेगा।
पुतिन गुरुवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में रिपोर्टरों से बात कर रहे थे, जहां उन्होंने कन्फर्म किया कि अगले हफ्ते स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ की लीडरशिप में एक अमेरिकी डेलीगेशन रूस आ सकता है।
पुतिन ने कहा कि वह युद्ध को लेकर गंभीरता से बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लड़ाई तभी खत्म हो सकती है जब यूक्रेनी सैनिक उन इलाकों से हट जाएं जिन पर उनका कब्जा है।
पुतिन ने चेतावनी देते हए कि अगर वे (यूक्रेन) पीछे नहीं हटते हैं, तो हम इसे मिलिट्री तरीकों से हासिल करेंगे। बता दें कि रूस ने यूक्रेन के लगभग 20 परसेंट इलाके पर कब्जा कर रखा है, जिसे इंटरनेशनल कानून के तहत यूक्रेन का हिस्सा माना जाता है।
इसमें पूरा लुहान्स्क इलाका और डोनेट्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया के कुछ हिस्से शामिल हैं। रूस की मांगों है कि यूक्रेन इन चार इलाकों को पूरी तरह से सरेंडर कर दे। जिन्हें उसने अपने कब्जे में तो कर लिया है लेकिन पूरी तरह से जीता नहीं है।
अमेरिका की कॉन्फ्लिक्ट मॉनिटर संस्था 'इंस्टिट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर' ने गुरुवार को कहा कि रूस ने जिन इलाकों पर दावा किया है, उनमें भारी सुरक्षा वाले कस्बों और शहरों का किले वाला इलाका भी शामिल है। जिन्हें यूक्रेन की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी माना जाता है।
उधर, कीव और उसके यूरोपियन साथियों ने यह साफ कर दिया है कि इलाके में छूट उनके लिए बड़ा खतरा है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत अमेरिकी अधिकारियों ने युद्ध खत्म करने की अपनी कोशिशों में जबरदस्त तरक्की का दावा किया है।
अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए 28-पॉइंट के शांति प्लान बनाए थे। जिसका यूक्रेनी और यूरोपियन अधिकारियों ने विरोध किया। उनका आरोप था की यह प्लान रूसी अधिकारियों द्वारा सौंपे गए एक दस्तावेज से प्रेरित है, जिससे यूक्रेन को नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
हालांकि, यूक्रेन और यूरोपीय देशों की आपत्तियों के बाद इसमें बदलाव किए गए और अब यह 19-पॉइंट का हो गया है। जानकारी के मुताबिक, ओरिजिनल प्लान में रूस की यह मांग शामिल थी कि यूक्रेन अपनी सेना कम करे और उसे NATO में शामिल होने से रोका जाए।
पुतिन ने गुरुवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विटकॉफ अगले हफ्ते की शुरुआत में मॉस्को आएंगे। इस दौरान, वह शायद प्लान के नए ड्राफ्ट पर चर्चा कर सकते हैं।
Published on:
28 Nov 2025 09:19 am
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