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शहर में पेयजल टंकियों की डेढ़ साल से सफाई नहीं, संक्रमित बीमारियां फैलने की आशंका

शहर में हो रही पेयजल आपूर्ति में बड़ी अनदेखी सामने आई है। शहर की पेयजल टंकियों की पिछले डेढ़ साल से सफाई नहीं हुई है। जबकि इन्हें 15 नवंबर तक सफाई हो जानी चाहिए थीं। हालत यह है अफसरों ने पिछले दो साल से इन टंकियों की सुध ही नहीं ली है।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Nov 29, 2025

Municipal council

नगरीय क्षेत्र में पानी की टंकियां

पत्रिका के निरीक्षण में किसी भी टंकी पर सफाई की तारीख, जिम्मेदार अधिकारी नाम लिखे नहीं मिले है। टंकियां के नियमित सफाई नहीं होने से हो सकती है संक्रमित बीमारियां, निगम के अधिकारी तमाशबीन, विश्वा के कर्मचारी बोले, फिजिकल टेस्टिंग के साथ नियमित सफाई हो रही

टंकियों में गाद के साथ गंदगी भी जमा

शहर में हो रही पेयजल आपूर्ति में बड़ी अनदेखी सामने आई है। शहर की पेयजल टंकियों की पिछले डेढ़ साल से सफाई नहीं हुई है। जबकि इन्हें 15 नवंबर तक सफाई हो जानी चाहिए थीं। हालत यह है अफसरों ने पिछले दो साल से इन टंकियों की सुध ही नहीं ली है। ऐसे में इन टंकियों में गाद के साथ अन्य गंदगी भी जमा हो सकती है। बड़ी बात यह कि जिम्मेदार यह कहकर सब कुछ ठीक बता रहे हैं कि टंकियों का फिजिकल टेस्टिंग कर रहे हैं, कहीं कोई परेशानी नहीं है। इन सब के बीच टंकियों की नियमित सफाई नहीं होने से संक्रमित बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है।

टंकियों की नियमित नहीं हो रही सफाई

शहर में सर्किट हाउस, शकुन नगर, रामेश्वर पुलिस चौकी के सामने समेत नौ टंकियों से घरों में जलापूर्ति की जा रही है। पत्रिका ने सोमवार को टंकियों की स्थित जानी तो कहीं पर भी टंकी सफाई की तारीख लिखी नहीं मिली। जबकि नियम है कि टंकियों पर सफाई की तारीख, अगली दफे कब टंकी साफ होन की तारीख व सफाई के बाद जिम्मेदार अधिकारियों के नाम लिखे होना चाहिए। कहीं पर भी टंकियों में ऐसा कुछ नहीं मिला। यह भी सामने आया कि टंकियों की पिछले ड़ेढ साल से ही सफाई नहीं हुई है।

कंपनी कर्मचारियों का दावा, हर साल होती है सफाई

विश्वा कंपनी के कर्मचारियों का दावा है कि हर साल बारिश के बाद 15 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच सफाई की जाती है। सफाई के रूप में फिजिकल सत्यापन कराया गया है। यानी टंकी को देखकर ही तय कर लिया गया कि पानी साफ है। हालांकि अफसरों का यह भी तर्क है कि टंकियां रोज भराती और खाली होती है, ऐसे में इनमें गंदगी नहीं रहती। सवाल उठ रहे हैं कि टंकी में गाद या अन्य कोई संक्रमण रह जाए तो उसकी सफाई कब होगी।

एक्सपर्ट व्यू

पाइप व वॉल्व खराब हो सकते

पीएचई के सेवा निवृत्त इंजीनियर शिव सिंह का कहना है कि टंकियों की नियमित सफाई नहीं होने से पानी की गुणवत्ता के साथ ही टैंक और प्लांबिंग सिस्टम खराब होता है। टंकियों में गंदगी और तलछट जमने से पाइप और वाल्व जाम हो सकते हैं। इससे पानी का प्रवाह और दबाव भी कम हो सकता है। इसके अलावा, टैंक के क्षरण से वह कमजोर हो सकता है।

टाइफाइड व पीलिया जैसी बीमारियां

मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ रंजीत बड़ोले का कहना है कि दूषित पानी के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां होती हैं। सामान्य तौर पर दूषित पानी से टाईफाइड, पीलिया जैसी कई संक्रमण की बीमारियां पनपी हैं। इसके अलावा दस्त, पेट में ऐंठन के साथ बैक्टीरिया के संक्रमण पैदा होते हैं। दूषित पानी के सेवन से बचना चाहिए। सीमेंटेड पानी की टंकी की नियमित सफाई होना चाहिए।

यहां स्थापित हैं टंकियां

-सर्किट हाउस

-रामेश्वर पुलिस चौकी के सामने

-शकुन नगर

-डाइट

-झीलो उद्यान

-इंडस्ट्रियल एरिया

-विजय नगर

-माता चौक

रामेश्वर टंकी : सीढिय़ों के साथ वाल्व टैंक में कचरा

रामेश्वर रोड पर पुलिस चौकी के सामने पानी की टंकी है। वाल्व टैंक में कचरा जमा हुआ है। टंकी सीढिय़ों व परिसर पर कचरा जमा है।

शकुन नगर : चाबीमैन को वाल्व पहुंचने में दिक्कत

आनंद नगर पॉश एरिया में शकुन नगर स्थित पानी टंकी परिसर में अतिक्रमण है। इससे गेट पर वाहन खड़े होने से चाबी मैन को वाल्व तक पहुंचना मुश्किल होता है। पूछने पर पता चला कि सफाई नहीं हुई है।

सर्किट हाउस : टंकी में मधुमक्खियों का छत्ता

सर्किट हाउस परिसर में पानी की टंकी में मधुमक्खियों का छत्ता तक नहीं लगा हुआ है। इससे फिजिकल टेस्टिंग भी नहीं हो सकी है।

मोहल्ला स्तर पर टंकियों में जुगाड़ से भर रहे पानी

शहर में नर्मदा जल टंकियों के अलावा मोहल्ला स्तर पर निगम के निजी बोर से जुडे़ टंकियों का खस्ताहाल है। कुछ में अतिक्रमण है। नर्मदा जल आने से ज्यादातर टंकियों का सप्लाई सिस्टम फेल हो गया है। कुछ मोहल्लों में निजी बोर के पानी का उपयोग कर रहे हैं। किशोर नगर में पार्षद ने एक हजार लीटर की टंकी लगाई है। मोहल्ले के लोग जुगाड़ से पानी भर रहे हैं।

इनका कहना .

जल समिति के अध्यक्ष, राजेश यादव कहते हैं कि... पानी के आपूर्ति की सूचना नहीं है। टंकियों की नियमित सफाई के लिए कंपनी को दो बार सूचना दी गई है। इस संबंध में जल्द अधिकारियों से चर्चा कर सफाई कराने की व्यवस्था बनाई जाएगी।

इनका कहना... विश्वा कंपनी...नर्मदा जल प्रोजेक्ट प्रबंधक, देवेंद्र सिंह...हर साल बारिश बीतने के बाद डिस्ट्रीब्यूशन टंकियों का फिजिकल सर्वे कराया जाता है। फिजिकल सर्वे में गंदगी नहीं मिली है। फिल्टर प्लांट से साफ पानी टंकियों में आ रहा है।


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