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Shiv Sena: उद्धव ठाकरे के दौरे से भी नहीं बनी बात, शिंदे ने मराठवाड़ा में कर दिया बड़ा खेला

Bhaskar Ambekar Joins Eknath Shinde Shiv Sena : एकनाथ शिंदे ने कहा, "जब मैं मुख्यमंत्री था तब भी मैंने पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर काम किया था और अब भी करता हूं। शिवसेना कार्यकर्ताओं की पार्टी है, किसी एक व्यक्ति की नहीं।"

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Nov 12, 2025

Eknath Shinde Shiv sena

शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे (Photo: X/@mieknathshinde)

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों की तारीखों की घोषणा के बाद सियासी हलचल चरम पर है। विपक्षी महाविकास आघाडी (MVA) और सत्तारूढ़ महायुति दोनों ही गठबंधन मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश में जुटे हैं। चुनाव प्रचार जोर पकड़ रहा है और इसके साथ ही नेताओं का दलबदल भी तेजी से हो रहा है। इसी बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) को मराठवाड़ा में बड़ा झटका लगा है। हाल ही में उद्धव ठाकरे ने मराठवाड़ा का दौरा किया था, जहां उन्होंने बाढ़ पीड़ित किसानों से मुलाकात की थी और राज्य सरकार पर मुआवजा देने में लापरवाही के आरोप लगाए थे। उन्होंने जालना में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। इस दौरान उन्होंने पार्टी के स्थानीय नेताओं में नया जोश भरने का प्रयास किया। लेकिन अब उसी मराठवाड़ा के जालना जिले में शिवसेना उबाठा को बड़ा झटका लगा है।

शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के जिला अध्यक्ष भास्कर आंबेकर ने पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में प्रवेश किया। इस मौके पर शिवसेना शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता अर्जुन खोतकर भी मौजूद थे।

राजनीतिक हलकों में इसे उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि आंबेकर ऐसे वक्त पर साथ छोड़कर गए है जब स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं और दोनों गुट अपने पाले को मजबूत करने में जुटे हैं।

'ठाकरे गुट में मेरा अपमान हुआ'

भास्कर आंबेकर ने ठाकरे गुट छोड़ने के पीछे की नाराजगी भी खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा, “हमने गांव-गांव में शिवसेना की शाखाएं बनाईं, जनता की समस्याओं पर आंदोलन किए, लेकिन हमें कभी उचित सम्मान नहीं मिला। 1990 और 1995 दोनों विधानसभा चुनावों में टिकट मांगा, हर बार दरकिनार कर दिया गया। 2014 में विधान परिषद का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आख़िरी में केवल महामंडल का पद दिया गया। वो भी जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने तो उस महामंडल को बर्खास्त कर दिया गया। मेरे साथ बहुत बुरा व्यवहार किया गया, मेरा अपमान हुआ। इसी तनाव के कारण मुझे दिल का दौरा पड़ गया, लेकिन किसी ने हालचाल तक नहीं पूछा। लेकिन अर्जुन खोतकर मेरे लिए दौड़े आए और एकनाथ शिंदे ने खुद फोन कर मेरा हाल जाना।”

शिवसेना कार्यकर्ताओं की पार्टी है- शिंदे

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को कहा था कि शिवसेना हमेशा अपने जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। मुंबई में आधिकारिक मुक्तागिरी निवास पर पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं का स्वागत करते हुए शिंदे ने कहा कि शिवसेना कार्यकर्ताओं की पार्टी है जहां काम करने वालों का सम्मान किया जाएगा।

शिंदे ने कहा, पार्टी हमेशा आम लोगों, पिछड़े वर्गों और जमीनी स्तर पर काम करने वालों के कल्याण के लिए प्रयास करेगी। राज्य भर में हर दिन हजारों कार्यकर्ता पार्टी में शामिल हो रहे हैं, जो शिवसेना के नेतृत्व और विचारधारा में लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा, “जब मैं मुख्यमंत्री था तब भी मैंने पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर काम किया था और अब भी करता हूं। शिवसेना कार्यकर्ताओं की पार्टी है, किसी एक व्यक्ति की नहीं।”