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‘केंद्र सरकार से सवाल पूछने के चलते मैं 218 दिनों तक जेल में रहा’, विधायक Aminul Islam ने पुलवामा आतंकी हमले पर दिया था बयान

Aminul Islam: अमीनुल इस्लाम ने हाई कोर्ट से रिहाई मिलने के बाद राज्य के सीएम हिमंता के लिए कहा, "असम के मुख्यमंत्री खुद को राजा और राज्य के डॉन समझते हैं। वह कुछ भी कर सकते हैं।

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Aminul Islam

एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल (Photo: IANS)

Aminul Islam: एआईयूडीएफ विधायक (AIUDF MLA) को 24 अप्रैल को एक राजनीतिक रैली में दिए गए बयान के लिए गिरफ्तार किया गया था। विधायक ने कहा था कि पुलवामा आतंकी हमले को केंद्र की साजिश बताई थी।

अमीनुल इस्लाम को NSA के तहत किया गया था गिरफ्तार

Aminul Islam arrested over Pahalgam remark: असम के धींग विधानसभा क्षेत्र से एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम (AIUDF MLA Aminul Islam) राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (National Security Act) के तहत छह महीने की नजरबंदी के बाद रिहा होने के एक दिन बाद शनिवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन उपस्थित हुए। एनएसए के तहत उनकी हिरासत को गुवाहाटी उच्च न्यायालय (Gauhati High Court) ने रद्द कर दिया था।

'मेरी गिरफ्तारी राज्य सरकार द्वारा बदले की कार्रवाई'

विधानसभा भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी नजरबंदी “राज्य सरकार द्वारा बदले की कार्रवाई” है।

'विपक्षी विधायक होने के नाते सवाल पूछना मेरा कर्तव्य'

Assam Police arrest AIUDF MLA Aminul Islam: अमीनुल इस्लाम ने कहा, "मैं 218 दिनों तक जेल में रहा और कल ही रिहा हुआ हूं। मैंने केंद्र सरकार से बस एक सवाल पूछा था - 'पहलगाम जैसे संवेदनशील पर्यटन स्थल में पाकिस्तानी आतंकवादी कैसे घुस सकते हैं और 26-28 लोगों को गोली मारकर भाग सकते हैं? यही मेरा बयान था। इसी वजह से मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। अगर केंद्र सरकार भारतीय नागरिकों की जान की सुरक्षा करने में नाकाम रही, तो एक विपक्षी विधायक होने के नाते क्या मुझे भारत सरकार, श्रीलंका सरकार या दक्षिण अफ्रीका सरकार से सवाल करना चाहिए? कौन जवाबदेह है?"

'मुझे लोअर कोर्ट में जमानत मिली, फिर राज्य सरकार ने…'

उन्होंने कहा, "ख़ैर, मेरे खिलाफ एफ़आईआर दर्ज की गई… उसके बाद, मुझे नागांव की एक निचली अदालत ने 15 दिन बाद ज़मानत दे दी। लेकिन राज्य सरकार ने मुझे जाने नहीं दिया और उसी दिन उन्होंने मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत गिरफ़्तार करने का आदेश भेज दिया।"

'मैं मुखर हूं और सरकार की पोल खोलता रहता हूं'

उन्होंने कहा, "मैं सही हूं या गलत, यह तो अदालतें तय करेंगी, लेकिन सरकार ने मुझे पूरी तरह से राजनीतिक मंशा से हिरासत में लिया है। इसकी वजह यह है कि मैं विधानसभा में बहुत मुखर रहता हूं, जिससे सरकार की पोल खुल जाती है। इसी मौके का फायदा उठाकर सरकार ने मुझसे बदला लिया।"

इस्लाम को 24 अप्रैल 2025 किया गया था गिरफ्तार

इस्लाम को 24 अप्रैल को भारतीय दंड संहिता की धारा 152 सहित कई आरोपों के तहत गिरफ़्तार किया गया था, क्योंकि उन्होंने एक राजनीतिक रैली में यह बयान दिया था कि यह हमला केंद्र की भाजपा सरकार की "साज़िश" थी। भारतीय दंड संहिता की धारा 152 "भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को ख़तरे में डालने वाले कृत्यों" से संबंधित है। भारतीय दंड संहिता के तहत इसे "देशद्रोह" बताया गया है।

असम में 58 लोगों को किया गया था गिरफ्तार

पहलगाम आतंकी हमले के बाद असम सरकार द्वारा घोषित "पाकिस्तान समर्थकों को हिरासत में लेने" के अभियान में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में राज्य भर से गिरफ्तार किए गए 58 लोगों में से वह पहले व्यक्ति थे। उन्हें 14 मई को एक जिला अदालत के न्यायाधीश ने जमानत दे दी थी, लेकिन उसी दिन उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में ले लिया गया था। नागांव के उपायुक्त द्वारा जारी एक आदेश में जिला पुलिस अधीक्षक की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया था जिसमें कहा गया था कि इस्लाम "सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और राज्य की सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।"

गुवाहाटी हाई कोर्ट ने दिया इस्लाम की रिहाई का आदेश

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने उनके एनएसए निरोध आदेशों को रद्द कर दिया था और उनकी रिहाई का आदेश दिया था, जिसके बाद शुक्रवार रात उन्हें रिहा कर दिया गया था।

सीएम हिमंता के लिए कही ये बात

एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम ने कहा, "यह वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा किया गया अत्याचार है, और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा खुद को राजा समझते हैं… और राज्य के डॉन… वह कुछ भी कर सकते हैं, जो भी वह सोचते हैं, जो भी वह चाहते हैं, वह कुछ भी कर सकते हैं।