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भारत और ब्रिटेन आतंकवादियों को चटाएंगे धूल–दोनों सेनाओं ने दहलाई धरती, रेगिस्तान में गूंजी फौलादी दोस्ती!

Exercise Ajeya Warrior 2025:भारत और ब्रिटेन की सेनाओं ने राजस्थान के 15 दिन तक चले ‘अजेय वारियर- 2025’ अभ्यास का समापन हुआ।

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भारत

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MI Zahir

Nov 30, 2025

Exercise Ajeya Warrior 2025

अजय वरियर वार रिहर्सल के मौके पर भारत और ब्रिटेन के जवान। (फोटो: X Handle/Aditya Raj Kaul.)

Exercise Ajeya Warrior 2025: आतंकवाद से निपटने के लिए पूरी दुनिया के देश अपनी-अपने स्तर पर अपनी तरह से जुटे हुए हैं। अब भारत और ब्रिटेन ने भी पूरी तैयारी कर ली है। राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में 15 दिन तक चले भारत-ब्रिटेन संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अजेय वारियर-2025’ के दौरान जब दोनों देशों की सेनाओं ने फौलादी प्रदर्शन कर धरती दहला दी तो रेगिस्तान में ऐसा ही नजारा दिखा। यह इस अभ्यास का आठवां संस्करण था और इस बार दोनों देशों के जांबाज जवानों ने आतंकवाद के खिलाफ शहरी जंग की ऐसी रिहर्सल की कि देखने वाले दंग रह गए।

शहरी इलाकों में आतंकियों से मुकाबला करना सीखा

ब्रिटेन की मशहूर रॉयल गोरखा राइफल्स की ए कंपनी और भारतीय सेना की 21वीं सिख रेजिमेंट ने कंधे से कंधा मिला कर ट्रेनिंग की। यहां 17 नवंबर से 30 नवंबर तक चले इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने शहरी इलाकों में आतंकियों से मुकाबला, IED बम निष्क्रिय करने, ड्रोन से हमला व बचाव और घर-घर सर्च ऑपरेशन जैसे खतरनाक मिशन अंजाम दिए। सब कुछ संयुक्त राष्ट्र के चैप्टर-7 के तहत शांति स्थापना मिशन की तर्ज पर किया गया।

दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया

अभ्यास का सबसे रोमांचक हिस्सा रहा अंतिम युद्ध-समूह स्तर का हमला। दोनों सेनाओं ने एक ही कमांड में मिल कर दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इसके अलावा सैनिकों ने एक-दूसरे से हथियार चलाने की बारीकियां सीखीं, ड्रोन तकनीक शेयर की और रात में भी ऑपरेशन करने की ट्रेनिंग ली।

भारत-ब्रिटेन रक्षा साझेदारी का मजबूत स्तंभ

भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने कहा, “अजेय वारियर सिर्फ अभ्यास नहीं, बल्कि 2035 तक भारत-ब्रिटेन रक्षा साझेदारी का मजबूत स्तंभ है। यह अभ्यास दिखाता है कि दोनों देश मिल कर दुनिया में शांति और स्थिरता के प्रति कितने गंभीर हैं।”

दोनों जवान एक-दूसरे को भाई की तरह समझते हैं

ब्रिटिश नेवी के रक्षा सलाहकार कमोडोर क्रिस सॉन्डर्स ने बताया, “हमारे गोरखा और भारतीय सिख रेजिमेंट के जवान अब एक-दूसरे को भाई की तरह समझते हैं। अगला अभ्यास 2027 में ब्रिटेन में होगा, तब भारतीय जवान हमारे घर आएंगे।”

यूके के गोरखा जवानों को पंजाबी भांगड़ा सिखाया

मैदान के बाहर भी दोनों देशों के जवानों ने दिल जीत लिया। इस दौरान फुटबॉल, कबड्डी और वॉलीबॉल मैच हुए। भारतीय सैनिकों ने गोरखा जवानों को पंजाबी भांगड़ा सिखाया तो ब्रिटिश सैनिकों ने नेपाली डांस और गोरखा गीत सुनाए। खाने में समोसे-चाय के साथ ब्रिटिश सैनिकों को पसंद आई पंजाबी लस्सी और राजस्थानी दाल-बाटी।

भारत और ब्रिटेन की सेनाएं चुस्त

बहरहाल, इस अभ्यास ने यह बात साफ कर दी कि भारत और ब्रिटेन की सेनाएं अब पहले से कहीं ज्यादा एक-दूसरे के साथ तालमेल बैठा सकती हैं। चाहे रेगिस्तान हो या पहाड़, शहर हो या जंगल – दोनों मिल कर किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।