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नए सत्र से सिलेबस में होगा बदलाव! अब 9वीं में पढ़ाई जाएंगी NCERT की किताबें, जानें पूरी detail…

NCERT Syllabus 2025: छत्तीसगढ़ में अगले सत्र में राज्य के स्कूलों में 9वीं कक्षाओं में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें पढ़ाई जाएंगी।

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नए सत्र से सिलेबस में होगा बदलाव! अब 9वीं में पढ़ाई जाएंगी NCERT की किताबें, जानें पूरी detail...(photo-patrika)

नए सत्र से सिलेबस में होगा बदलाव! अब 9वीं में पढ़ाई जाएंगी NCERT की किताबें, जानें पूरी detail...(photo-patrika)

NCERT Syllabus 2025: छत्तीसगढ़ में अगले सत्र में राज्य के स्कूलों में 9वीं कक्षाओं में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें पढ़ाई जाएंगी। स्टेट काउन्सिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग छत्तीसगढ़ (एससीईआरटी) में नए सत्र में पढ़ाई जाने वाली किताबों में बदलाव की तैयारियां की जा रही हैं, इसमें इस बार 9वीं कक्षा में एनसीईआरटी की गणित और विज्ञान की किताबों को पढ़ाने की योजना है।

NCERT Syllabus 2025: नए सत्र से सिलेबस में होगा बदलाव

नए सत्र के लिए पहली से 9वीं तक की किताबों में बदलाव के लिए समीक्षा का कार्य किया जा रहा है, जिसमें कई बदलाव किए जाएंगे। इसमें राज्य के स्थानीय तथ्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक राज्य में पाठ्यपुस्तक तैयार करने का काम माध्यमिक शिक्षा मंडल करता था, लेकिन इसे बदले हुए ढांचे में अब एससीईआरटी को सौंपा गया है, जो एनसीईआरटी की तर्ज पर किताबें विकसित करता है।

एससीईआरटी के पाठ्यपुस्तक लेखन सहायक संचालक कौस्तुब बनर्जी ने बताया कि

नए शैक्षणिक सत्र से 9वीं के पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने की योजना है। अन्य कक्षाओं के पाठ्यक्रम में भी बदलाव किए जा रहे हैं। जल्द ही नए बदलावों वाली पुस्तकों का प्रकाशन कराकर अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। एससीईआरटी का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की सामग्री, साथ ही राज्य की स्थानीय विशेषताओं का संतुलित मिश्रण मिलेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

पाठ्यक्रम में एनईपी के तहत परिवर्तन हो रहा है। एससीईआरटी में समीक्षा अभी हो रही है। एससीईआरटी द्वारा एनसीईआरटी की किताबों की समीक्षा के बाद इसमें स्थानीय तथ्यों को शामिल किया जाता है। अभी जो बच्चे एनसीईआरटी की किताबों को पढ़ेंगे तो इससे भी उन्हें काफी फायदा होगा। बच्चों को आज के हिसाब से राष्ट्र के संदर्भ में जानकारी प्राप्त होगा।