दशहरे की तैयारी में जुटे कारीगरों की उम्मीदें और सपने मंगलवार शाम को हुई झमाझम बारिश में चंद मिनटों में ही ध्वस्त हो गए। मानसरोवर मेट्रो स्टेशन, गुर्जर की थड़ी, सीकर रोड, इमली फाटक के पास और अन्य इलाकों में महीनों की मेहनत से बनाए गए रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले पानी में भीगकर (Ravana Effigy Damaged)बर्बाद हो गए। दो महीने की थकान और मेहनत, घर चलाने की उम्मीदें, सब कुछ बारिश की बूंदों में बह गया। दशहरे से पहले यह झटका कारीगरों और उनके परिवारों के लिए गहरी मायूसी लेकर आया।