
GST कम होने से घरों की बचत काफी बढ़ेगी। (फोटो : फ्री पिक)
जीएसटी 2.0 में टैक्स कम होने के बाद आम परिवारों की जेब पर बड़ा असर दिखने लगा है। इससे रोजमर्रा के सामान से लेकर बीमा पॉलिसियों तक पर टैक्स घटने या खत्म होने से एक औसत भारतीय परिवार सालाना 13200 रुपये या उससे ज्यादा की बचत कर पाएगा। सरकार का दावा है कि रोजमर्रा की 99% चीजें अब 5% या शून्य टैक्स स्लैब में आ गई हैं। ऐसे में महंगाई से जूझ रहे मिडल क्लास परिवारों के बजट को न सिर्फ संतुलित करने में मदद करेगी बल्कि अगर वह इसे समझदारी के साथ इन्वेस्ट करेंगे तो छोटी कार खरीदने भर का फंड जुटा सकते हैं। बता दें कि जीएसटी को 2017 में लागू किया गया था और 8 साल बाद इसमें कटौती की गई है।
मान लीजिए किसी घर में 4 बड़े और 2 बच्चे रहते हैं और उनका खाने-पीने की चीजों पर मासिक घरेलू खर्च लगभग 12,000 रुपये है। पहले इस खर्च पर उन्हें ज्यादा टैक्स देना पड़ता था, लेकिन अब नए GST दरों से हर महीने करीब 600 रुपये महीने की बचत होगी। अगर इसे सालाना जोड़ा जाए तो यह बढ़कर 7200 रुपये हो जाएगी।
जीएसटी घटने से सबसे बड़ा बदलाव बीमा क्षेत्र पर आया है। अब हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 18% GST पूरी तरह से हटा दिया गया है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई परिवार सालाना 30,000 का हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम भरता है, तो पहले उस पर 5,400 रुपये टैक्स लगता था। अब यह रकम पूरी तरह बच जाएगी।
घर के खर्च से बचत : 7200 रुपये
इंश्योरेंस से बचत : 5,000 से 6,000 रुपये
कुल संभावित बचत : लगभग 13200 रुपये
अगर कोई परिवार 13200 रुपये की सालाना बचत को 1100 रुपये महीने के हिसाब से Mutual Fund SIP में लगा देता है तो वह एक छोटी कार खरीदने भर की रकम जुटा सकता है।
इस रकम को 15 साल तक के लिए Mutual Fund SIP में लगाने पर 5 लाख रुपये से ऊपर का फंड तैयार हो सकता है।
Updated on:
23 Sept 2025 04:11 pm
Published on:
23 Sept 2025 03:59 pm
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